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UP: गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी की बढ़ीं मुश्किलें, छठवां मुकदमा दर्ज; नए कानून के तहत पहला
Mon, 30 Sep 2024 06:04 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2024 06:04 PM IST
सार
गाजीपुर जिले में सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ अब तक छह मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इन दिनों गांजे वाले बयान को लेकर सांसद घिरे हुए हैं। पुलिस ने नए कानून के तहत केस दर्ज किया है।
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सांसद अफजाल अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र गाजीपुर से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए सपा नेता अफजाल अंसारी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अफजाल ने जो शपथ पत्र दाखिल किया था, उसके मुताबिक उनके खिलाफ पांच आपराधिक मुकदमे थे। अब एक और मामला दर्ज हो गया है। अब छह मुकदमे हो गए हैं। नए कानून के तहत पहला मामला दर्ज हुआ है।
गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी। 29 जुलाई 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार साल की सजा रद्द कर दी थी। एक जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद अफजाल अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (3) के तहत शहर कोतवाली थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस संबंध में एसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि बीएनएस की जिस धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, उसे सरल शब्दों में कहें तो जो कोई भी जानबूझकर किसी विशेष धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ झूठी और अपमानजनक बातें करेगा। या फिर, किसी धर्म की मान्यताओं या प्रतीकों का अपमान करेगा, वह आरोपी माना जाएगा। आरोप सिद्ध होने पर पांच साल तक की सजा और जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
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गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी। 29 जुलाई 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार साल की सजा रद्द कर दी थी। एक जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद अफजाल अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (3) के तहत शहर कोतवाली थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है।
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इस संबंध में एसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि बीएनएस की जिस धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, उसे सरल शब्दों में कहें तो जो कोई भी जानबूझकर किसी विशेष धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ झूठी और अपमानजनक बातें करेगा। या फिर, किसी धर्म की मान्यताओं या प्रतीकों का अपमान करेगा, वह आरोपी माना जाएगा। आरोप सिद्ध होने पर पांच साल तक की सजा और जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
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