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गोली मारकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 07 Oct 2015 11:57 PM IST
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विपक्षी का चुनाव प्रचार करने को लेकर शादियाबाद क्षेत्र के युसूफपुर में
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मंगलवार की रात गोली मारकर गांव के ही श्रवण कुमार की गोली मारकर हत्या कर
दी गई।
मंगलवार की देर रात हुई इस घटना में गोली लगने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें वाराणसी रेफर किया गया है।
घटना से नाराज लोगों ने बुधवार की सुबह शादियाबाद थाने के सामने हंगामा किया। हमलावरों की गिरफ्तारी और मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने सुबह सात बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक चक्काजाम कर दिया। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
इस मामले में घायल विरेंद्र राजभर के भाई रामदरश राजभर ने बीडीसी प्रत्याशी के पति सोनू सिंह समेत संदीप सिंह, सूर्यजीत सिंह, मनीष सिंह और एक अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि घायल विरेंद्र और अशोक का उपचार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
युसूफपुर निवासी करमवीर सिंह उर्फ सोनू की पत्नी प्रीति सिंह बीडीसी का चुनाव लड़ रही हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े 10 बजे सोनू ने मोबाइल पर फोन कर युसूफपुर गांव के ही श्रवण राजभर (30) को गांव के बाहर बुलाया।
श्रवण अपने पांच साथियों के साथ सोनू से मिलने के लिए गांव के बाहर पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान सोनू ने श्रवण को विपक्षी का चुनाव प्रचार करने से मना किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी झड़प होने लगी। आरोप है कि इसी बीच सोनू और उसके चार साथियों ने पिस्टल और तमंचे से गोलियां बरसा दी। गोली लगने से श्रवण राजभर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथी विरेंद्र राजभर (28) और अशोक राजभर (35) गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूर खड़े श्रवण के साथी अनिल भारती और रामदरश ने गोली मारने वाले दो युवकों को दौड़ाकर पकड़ लिया लेकिन हमलावरों ने दांत काटकर भाग निकले। श्रवण की हत्या की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी।
इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल लाए। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने विरेंद्र और अशोक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह सात बजे हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे के लिए शादियाबाद थाने के सामने शादियाबाद-हंसराजपुर मार्ग जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर, एसपी ग्रामीण अनिल कुमार सिसौदिया और एडीएम मौके पर पहुंच गए। एसपी ने तीन दिन के अंदर हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद लोगों ने जाम खत्म किया। मौके पर पहुंचे बसपा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने एसपी से घटना के संबंध में जानकारी लेते हुए शीघ्र हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की।
मंगलवार की देर रात हुई इस घटना में गोली लगने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें वाराणसी रेफर किया गया है।
घटना से नाराज लोगों ने बुधवार की सुबह शादियाबाद थाने के सामने हंगामा किया। हमलावरों की गिरफ्तारी और मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने सुबह सात बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक चक्काजाम कर दिया। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
इस मामले में घायल विरेंद्र राजभर के भाई रामदरश राजभर ने बीडीसी प्रत्याशी के पति सोनू सिंह समेत संदीप सिंह, सूर्यजीत सिंह, मनीष सिंह और एक अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि घायल विरेंद्र और अशोक का उपचार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
युसूफपुर निवासी करमवीर सिंह उर्फ सोनू की पत्नी प्रीति सिंह बीडीसी का चुनाव लड़ रही हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े 10 बजे सोनू ने मोबाइल पर फोन कर युसूफपुर गांव के ही श्रवण राजभर (30) को गांव के बाहर बुलाया।
श्रवण अपने पांच साथियों के साथ सोनू से मिलने के लिए गांव के बाहर पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान सोनू ने श्रवण को विपक्षी का चुनाव प्रचार करने से मना किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी झड़प होने लगी। आरोप है कि इसी बीच सोनू और उसके चार साथियों ने पिस्टल और तमंचे से गोलियां बरसा दी। गोली लगने से श्रवण राजभर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथी विरेंद्र राजभर (28) और अशोक राजभर (35) गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूर खड़े श्रवण के साथी अनिल भारती और रामदरश ने गोली मारने वाले दो युवकों को दौड़ाकर पकड़ लिया लेकिन हमलावरों ने दांत काटकर भाग निकले। श्रवण की हत्या की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी।
इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल लाए। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने विरेंद्र और अशोक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह सात बजे हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे के लिए शादियाबाद थाने के सामने शादियाबाद-हंसराजपुर मार्ग जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर, एसपी ग्रामीण अनिल कुमार सिसौदिया और एडीएम मौके पर पहुंच गए। एसपी ने तीन दिन के अंदर हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद लोगों ने जाम खत्म किया। मौके पर पहुंचे बसपा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने एसपी से घटना के संबंध में जानकारी लेते हुए शीघ्र हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की।