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कृषि एवं पंचायती राज विभाग में कर्मचारियों का टोटा

Mon, 12 Jul 2021 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:39 PM IST
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Shortage of employees in Agriculture and Panchayati Raj Department
जिले को विकास की राह पर बढ़ाने और योजनाओं के सफल संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता जरूरी है, लेकिन जिले के विभिन्न विभाग में कर्मचारियों के खाली पद पड़े हुए हैं। कृषि विभाग और पंचायती राज विभाग में कर्मचारियों का ऐसा टोटा बना हुआ है कि योजनाओं से आम जनों को लाभांवित करने के लिए विभागाध्क्षों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कृषि विभाग में लेखाजोखा की रिपोर्ट तैयार करने वाले लेखाधिकारी के पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। वहीं एडीएजी के 16 पद सृजित हैं, लेकिन मात्र छह ही पद पर कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा जिले के 193 न्याय पंचायत के मुताबिक प्रत्येक पंचायत पर एक-एक कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन मात्र 62 कर्मचारी ही तैनात हैं। ऐसे में एक कर्मचारी को दो से तीन न्याय पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला पंचायत राज विभाग कार्यालय में डीपीआरओ को लेकर पांच पद सृजित हैं। डीपीआरओ एवं लेखाधिकारी के अलावा तीन पद दो वर्ष से खाली हैं। कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि कार्यालय में लेखाधिकारी के पद खाली हैं। कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती नहीं होने से विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि दो वर्ष से कार्यालय में तीन पद खाली चल रहे हैं। यही वजह है कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों को समय से पूर्ण कराने में समय लग जाता है। शिक्षा विभाग भी इससे अछूता नहीं है। सहायता प्राप्त एवं राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 50 से अधिक प्रधानाचार्यों के पद खाली है।
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