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212 तालाबों पर हुए अतिक्रमण को मुक्त कराने पर ही संबंधितों का वेतन जारी करें
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गाजीपुर। राइफल क्लब में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी एमपी सिंह की अध्यक्षता में कर-करेतर एवं मासिक स्टाफ बैठक हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के समस्त तहसीलों में 212 तालाबों पर हुए अतिक्रमण का संबंधित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार के प्रत्येक महीने कम से कम एक तालाब को अतिक्रमणमुक्त कराने और उसका प्रमाणपत्र देने के बाद ही संबंधित का वेतन जारी करें। कहा कि यह अभियान इसी माह से लागू होगा। उन्होंने जनपद के बड़े बकायेदारों की टॉप देन स्तर की आरसी की सूची उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के स्तर की बनाते हुए वसूली करने का निर्देश दिया। आडिट आपत्ति में अनुपालन आख्या की जानकारी ली और नजारत, भूलेख एवं तहसीलदार कासिमाबाद की पिछले माह की ऑडित आपत्ति शून्य होने पर संबंधित से जवाब मांगा।
जिलाधिकारी ने जिन-जिन तहसीलों में बाढ एवं पिछले दिनों हुए वर्षा के कारण जो भी नुकसान हुए हैं, उसे सर्वे कराकर तहसीलवार ऑनलाइन फीडिंग कराने का निर्देश दिया। उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वरासत के मामले में लेखपालों और कानूनगो स्तर के दबाए गए सबसे पुराने प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित लेखपालों एवं कानूनगो से जवाब मांगे।
जिलाधिकारी ने चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, औद्योगिक ऋण, बाट माप, बैंक देय, परिवहन, मंडी समिति, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, अंश निर्धारण, आईजीआरएस, मोटर देय, काउंडर फाईल के संबंध में विस्तारपूर्वक समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कम राजस्व प्राप्ति वाले विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होनें समस्त संबंधित अधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रत्येक महीने में पूर्ण योजना बनाकर मूर्त रूप देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व प्राप्ति के संबंध में जो विभाग कार्य कर रहे हैं, उनके द्वारा अपने-अपने लक्ष्य को प्रत्येक माह उसे पूर्ण कर अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि सभी विभागों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पूर्ण किए जा सकें।
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कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। इसके बाद जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ली। बैठक में लंबित प्रकरणों एवं विवादित, दाखिल खारिज, विवादित वादों का निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने ऑडिट आपत्ति, व्यापार कर, परिवहन कर, बैंक देय और जनपद के बड़े बकायेदारों के संबंध में जानकारी ली और उनसे वसूली करने और बकाया न देने वाले व्यक्तियों पर शासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरुण कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी ने जिन-जिन तहसीलों में बाढ एवं पिछले दिनों हुए वर्षा के कारण जो भी नुकसान हुए हैं, उसे सर्वे कराकर तहसीलवार ऑनलाइन फीडिंग कराने का निर्देश दिया। उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वरासत के मामले में लेखपालों और कानूनगो स्तर के दबाए गए सबसे पुराने प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित लेखपालों एवं कानूनगो से जवाब मांगे।
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जिलाधिकारी ने चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, औद्योगिक ऋण, बाट माप, बैंक देय, परिवहन, मंडी समिति, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, अंश निर्धारण, आईजीआरएस, मोटर देय, काउंडर फाईल के संबंध में विस्तारपूर्वक समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कम राजस्व प्राप्ति वाले विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होनें समस्त संबंधित अधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रत्येक महीने में पूर्ण योजना बनाकर मूर्त रूप देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व प्राप्ति के संबंध में जो विभाग कार्य कर रहे हैं, उनके द्वारा अपने-अपने लक्ष्य को प्रत्येक माह उसे पूर्ण कर अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि सभी विभागों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पूर्ण किए जा सकें।
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कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। इसके बाद जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ली। बैठक में लंबित प्रकरणों एवं विवादित, दाखिल खारिज, विवादित वादों का निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने ऑडिट आपत्ति, व्यापार कर, परिवहन कर, बैंक देय और जनपद के बड़े बकायेदारों के संबंध में जानकारी ली और उनसे वसूली करने और बकाया न देने वाले व्यक्तियों पर शासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरुण कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।