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Ghazipur News: रेलवे के दावे फर्स्ट क्लास, कॉलोनियों के हाल जनरल

Thu, 17 Sep 2026 12:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:44 AM IST
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Railway's claims are 'First Class', but the condition of the colonies is 'General
औड़िहार रेलवे कॉलोनी में उगी झाड़ियां। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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गाजीपुर। रेलवे यात्रियों की सुविधाओं और ट्रेनों के संचालन को लेकर व्यवस्थाएं बेहतर करने का दावा करता है, लेकिन रेलकर्मियों के रहने के लिए बनी कॉलोनियों की तस्वीर इससे अलग है। जनपद में तीन रेलवे कॉलोनियां हैं।
इनमें 127 क्वार्टर हैं और करीब 650 लोग रहते हैं। इन कॉलोनियों में कहीं पेयजल संकट है तो कहीं नालियां बजबजा रही हैं। जलभराव से लोग परेशान हैं। झाड़ियों और गंदगी के बीच जहरीले जंतुओं के निकलने का डर रेलकर्मियों और उनके परिजनों को सताता रहता है।
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जनपद में रेलवे की कॉलोनियां सिटी रेलवे स्टेशन परिसर, औड़िहार और दिलदारनगर में हैं। दो कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है। एक ओर रेलवे अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों में बैठकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं, वहीं रेलकर्मी और उनके परिवार जलभराव, पानी व सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं सिटी रेलवे स्टेशन परिसर स्थित रेलवे कॉलोनी में करीब 45 क्वार्टर हैं। हालांकि रेलवे प्रशासन इसे परित्यक्त (जर्जर) घोषित कर चुका है।
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औड़िहार में 120 क्वार्टर, 600 लोग और पेयजल की समस्या
औड़िहार जंक्शन पर कार्यरत रेलकर्मियों के रहने के लिए बनाई गई रेलवे कॉलोनी में 120 क्वार्टर हैं। इनमें करीब 600 लोग रहते हैं। यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। कॉलोनी में जगह-जगह झाड़ियां भी उगीं हैं। इससे रेलकर्मी और उनके परिजन जहरीले जंतुओं के निकलने से आशंकित रहते हैं।
सात क्वार्टर, लेकिन नाली और जलभराव से कर्मचारी परेशान
दिलदारनगर की रेलवे कॉलोनी में सात क्वार्टर हैं। कॉलोनी की बदहाली के कारण ज्यादातर रेलकर्मी यहां रहना नहीं चाहते हैं। वे निजी मकानों में रहना पसंद करते हैं। कॉलोनी में नाली बजबजा रही है और जगह-जगह जलभराव होने से लोग परेशान हैं। दिलदारनगर रेलवे स्टेशन अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि नालियों की सफाई और अन्य कार्यों के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
रेलवे का दावा : सफाई और पानी की व्यवस्था दुरुस्त
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि औड़िहार रेलवे कॉलोनी में झाड़ियों और घास की कटाई कराई जाती है। बारिश को देखते हुए 10-15 दिनों में फिर सफाई करा दी जाएगी। सड़कों की सफाई नियमित रूप से होती है। वाटर क्लोरिनेशन की व्यवस्था उपलब्ध है और निर्बाध पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसकी जांच भी की जाती है।

उन्होंने बताया कि सिटी रेलवे कॉलोनी को जर्जर स्थिति के कारण रेलवे के नियमों के अनुसार पहले ही परित्यक्त (जर्जर) घोषित किया जा चुका है। इसके नीलामी और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। जलभराव की समस्या का मुख्य कारण नगर पालिका और आवंटित मकानों से नाले में गंदा पानी व सीवेज छोड़ना है। इस संबंध में नगर पालिका को पत्र लिखा गया है। समस्या के स्थायी समाधान तक पंप से डीवाटरिंग कराई जा रही है।
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