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विरोध करने पर पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

Wed, 03 Jul 2019 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 11:27 PM IST
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political
गाजीपुर। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) की ओर से 17 जातियों को दिए गए आरक्षण पर बसपा सुप्रीमो के विरोध करने पर बुधवार को सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री मायवाती की पुतला फूंका गया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अति पिछड़ी 17 जातियों को एससी का दर्जा सरकार द्वारा दिया गया है, जो पूर्व से लागू है। सन् 1992 में अनुसूचित जाति से पिछड़े में डाल दिया गया। तबसे हाईकोर्ट में मुकदमा के दौरान पुन: 17 जातियों को विजय प्राप्त हुआ। 2016 में हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था कि 17 जातियों का प्रमाणपत्र बनना चाहिए, लेकिन बहुजन समाज पार्टी के कहने पर अम्बेडकर संग्राहलय गोरखपुर के द्वारा 24 दिसंबर 2016 को स्टे ले लिया गया। इसके उपरांत 29 मार्च 2017 को स्टे खारिज हो गया और फिर हाईकोर्ट का आदेश हुआ कि 17 जातियों का प्रमाणपत्र बनना चाहिए। बीते 24 जून को हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जो अधिकारी प्रमाणपत्र नहीं जारी करता है, उस पर मुकदमा दर्ज किया जाए। हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश सरकार ने प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को अधिसूचना जारी किया, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने 17 जातियों का आरक्षण का घोर विरोध कर रही है, इसलिए केवट, बिंद, मल्लाह, राजभर, कश्यप, निषाद पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनोज कुमार, प्रदेश सचिव शिवलोचन बिंद, सोनू निषाद, अजय बिंद, सुरेश बिंद, विजय आदि मौजूद थे।
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