यूपी : डेढ़ साल से इस कुख्यात अपराधी को तलाश रही थी पुलिस, नाटकीय ढंग से गैंगेस्टर कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
- शिवशंकर उर्फ शिवा पर था 50 हजार का इनाम
- इनाम को एक लाख करने के लिए शासन को भेजा गया था प्रस्ताव
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गाजीपुर जिले के कुख्यात शातिर अपराधी एवं इनामिया शिवशंकर उर्फ शिवा बिंद की पुलिस को काफी दिनों से तलाश थी लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई थी। जबकि इन दिनों कुख्यात अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई होता देख शिवा ने शुक्रवार को नाटकीय ढंग से गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने के बाद न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस पर पचास हजार का इनाम घोषित था। कोतवाली पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी हुई है। शिवा पर पूर्वांचल के कई जनपदों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
उधर एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि शिवा बिंद पर 50 हजार का इनाम घोषित था और इसे दोगुना करने के लिए शासन में पत्राचार चल रहा था। आतंक का पर्याय बन चुके शिव बिंद को पकड़ने के लिए पुलिस वर्षों से प्रयास करती रही, लेकिन सफल नहीं हो सकी।
कुख्यात और शातिर अपराधियों में अपना स्थान बना चुका शिवा हत्या, लूट के साथ रंगदारी समेत कई संगीन अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाता था। इसे पकड़ने के लिए जनपद पुलिस के साथ ही एसओजी, क्राइम ब्रांच एवं एलआइयू को लगाया गया था।
पुलिस टीम में तेज-तर्रार दरोगा एवं सिपाही लगाए गए थे, जो लगातार दबिश देते रहे और जल्द पकड़ने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। पिछले कुछ सालों में यह पुलिस महकमे के लिए सिरदर्द बना चुका था। छोटे-बड़े अपराधी को पुलिस दबोचने में तो सफल रहती थी, लेकिन शिवा के लोकेशन और ठिकानों तक नहीं पहुंच पाती थी।
वाराणसी, नंदगंज और शहर कोतवाली समेत कई थानों में इसके ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस से छिपते-छिपाते उसने नाटकीय ढंग से गैगेंस्टर एक्ट के मामले में गौरव कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
जरायम की दुनिया में कदम रख बड़ी वारदातों को दिया अंजाम
जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद शिवा ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस डेढ़ वर्ष से उसकी तलाश में लगी थी। रजदेपुर-देहाती निवासी शिवा बिंद के ऊपर संगीन धाराओं में कई आपराधिक मुकदमों के साथ गैंगेस्टर तक की कार्रवाई की जा चुकी है।
वह शहर के हिस्ट्रीशीटरों में से एक है। इसके ऊपर अपर पुलिस महानिदेशक अपराध शाखा लखनऊ द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वहीं हाल ही में इसे बढ़ाकर एक लाख करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
पत्रकार और डाक्टरों से मांगी थी रंगदारी
कुख्यात और शातिर अपराधी शिवा बिंद ने एक पत्रकार से जहां दस लाख की रंगदारी मांगी थी। वहीं कई चिकित्सकों को से भी फोन पर रंगदारी मांगने का काम किया गया। काफी शातिर होने के चलते यह पुलिस के लिए चुनौती बन चुका था। आखिरकार पुलिस अपराधी को दबोच नहीं सकी।
यह है शिवा बिंद का आपराधिक इतिहास
- वर्ष 2010 में शिवा ने वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र में एक सराफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या की थी।
- वर्ष 2013 में शिवा ने नंदगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले एक सराफा व्यवसाई की गोली मारकर हत्या करने के बाद उसकी बाइक और लाखों के जेवरात लूट लिए थे।
- वर्ष 2015 में शिवा ने अपने साथियों के साथ मिलकर नंदगंज क्षेत्र में ही एक अन्य सराफा व्यवसाई की गोली मारकर हत्या करने के बाद लूट की घटना को अंजाम दिया था।
- वर्ष 2016 में गाजीपुर नगर के यूको बैंक के पास हुई हत्या और लूटकांड में भी शिवा बिंद का नाम प्रकाश में आया था।