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ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 19 Sep 2016 11:40 PM IST
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कासिमाबाद थाना के चौक पर चक्काजाम करते ग्रामीण। अमर उजाला
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गंगौली गांव में खाद्यान्न वितरण में धांधली एवं वितरण के दौरान कोटेदार फैजुर्र रहमान द्वारा सोमवार को प्रतिभा गुप्ता के साथ अभद्रता किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण समाजसेवी प्रीति जायसवाल के नेतृत्व में कासिमाबाद तहसील परिसर में सुबह 10 बजे धरने पर बैठ गए। दोपहर एक बजे तक किसी सक्षम अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से नाराज लोगों ने कासिमाबाद चौराहा पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस के समझाने पर एक घंटा बाद जाम समाप्त हुआ।
लोग कोटेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम की वजह से चारों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम की जानकारी होते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर एक घंटा बाद समाप्त कराया। नाराज ग्रामीण इसके बाद थाना पहुंचे और पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप से अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए अरोप लगाया कि गांव के कोटेदार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाला खाद्यन्न का वितरण महीने में केवल एक दिन करते है। कम तौलते है, मिट्टी का तेल महंगे दाम पर देते हैं। शिकायत करने पर अभद्रता एवं गाली-गलौज करते है। गांव की 90 प्रतिशत जनता गरीब है। अगर धांधली करने वाले कोटेदारो का लाइसेंस 21 सिंतबंर तक निरस्त नहीं हुआ एवं महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कोटेदार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाही नहीं की तो हम लोग 22 सितंबर को युसुफपुर-मउ मार्ग पर आंदोलन करते हुए चक्का जाम करने को बाध्य होंगे। पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि टीम बनाकर गंगौली गांव के कोटेदारों की जांच की जाएगी। दोषी पाने जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधान प्रतिनिधि नंदू राजभर ने कहा कि हम जनता के साथ हूं कोटेदार की जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में प्रीति जायसवाल, जब्बार अंसारी, सुहेल अंसारी, देवनरायन राजभर, प्रतिभा गुप्ता, मंसूर अहमद, इश्तियाक अंसारी, सरोज देवी, इंदा यादव, पिंटू वर्मा, मनोज गुप्ता, मंजू देवी आदि शामिल रहे।
लोग कोटेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम की वजह से चारों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम की जानकारी होते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर एक घंटा बाद समाप्त कराया। नाराज ग्रामीण इसके बाद थाना पहुंचे और पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप से अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए अरोप लगाया कि गांव के कोटेदार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाला खाद्यन्न का वितरण महीने में केवल एक दिन करते है। कम तौलते है, मिट्टी का तेल महंगे दाम पर देते हैं। शिकायत करने पर अभद्रता एवं गाली-गलौज करते है। गांव की 90 प्रतिशत जनता गरीब है। अगर धांधली करने वाले कोटेदारो का लाइसेंस 21 सिंतबंर तक निरस्त नहीं हुआ एवं महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कोटेदार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाही नहीं की तो हम लोग 22 सितंबर को युसुफपुर-मउ मार्ग पर आंदोलन करते हुए चक्का जाम करने को बाध्य होंगे। पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि टीम बनाकर गंगौली गांव के कोटेदारों की जांच की जाएगी। दोषी पाने जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधान प्रतिनिधि नंदू राजभर ने कहा कि हम जनता के साथ हूं कोटेदार की जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में प्रीति जायसवाल, जब्बार अंसारी, सुहेल अंसारी, देवनरायन राजभर, प्रतिभा गुप्ता, मंसूर अहमद, इश्तियाक अंसारी, सरोज देवी, इंदा यादव, पिंटू वर्मा, मनोज गुप्ता, मंजू देवी आदि शामिल रहे।
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