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Ghazipur News: बाईपास पर दो फीट, गांव की गलियों में ढाई फीट तक पानी
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बाढ के पानी में डूबा जमानिया नगर स्थित बलुआ घाटा का शवदाह स्थल। संवाद
गाजीपुर। जनपद के तटवर्ती इलाके के लोगों के लिए सोमवार की सुबह राहत की खबर लेकर आई। गंगा में घटाव दर्ज किया गया। आपदा विभाग की शाम पांच बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 62.110 मीटर दर्ज किया गया। प्रत्येक घंटे दो सेमी की रफ्तार से गंगा में घटाव दर्ज हो रहा था। इसके बाद भी गंगा चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से 10 सेमी ऊपर बह रही थी।
करीब आठ किलोमीटर लंबा रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम बाईपास अभी भी जलमग्न है। बाइपास मार्ग पर अभी भी दो फीट तक पानी पसरा हुआ है। इसके कारण लोग आवागमन नहीं कर रहे हैं। वहीं हसनपुरा, वीरऊपुर, नगदीलपुर आदि गांवों की गलियों में अभी भी जलभराव की स्थिति है। करीब ढाई फीट तक पानी पसरने के कारण लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के बीच से होकर लोग प्रतिदिन दिनचर्या की आवश्यकताओं की खरीदारी कर रहे हैं। लोग पानी पसरे मार्ग से होकर किराना, मेडिकल आदि की दुकानों पर पहुंच रहे हैं।
बाजार नहीं कर पा रही हैं महिलाएं
रेवतीपुर इलाके के बाढ़ से प्रभावित गांव हसनपुरा, नगदीलपुर व वीरऊपुर में महिलाओं की दिनचर्या पर सबसे अधिक असर पड़ा है। जलभराव के बीच पुरुष खरीदारी वगैरह के लिए दुकानों तक पहुंच जा रहे हैं। लेकिन, महिलाएं बाजार नहीं कर पा रही हैं। इसके कारण वह अपनी जरूरत की चीजों की खरीदारी नहीं कर पा रही हैं।
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दो दिनों से कटान पर लगा ब्रेक
भांवरकोल क्षेत्र में बीते दो दिनों से गंगा के कटान पर ब्रेक लगा हुआ है। इसके कारण तटवर्ती लोग राहत की सांस ले रहे हैं। लेकिन, तटवर्ती इलाके धर्मपुरा व फिरोजपुर के आसपास गंगा के बाढ़ का पानी अभी भी पसर रहा है। इसके कारण दोनों गांवों के लोग संशकित नजर आ रहे हैं।
गोमती में भी घटाव
खानपुर। गोमती नदी में भी घटाव दर्ज किया गया है। लेकिन, गौरी, गोरखा, गौरहट, भुजाड़ी और तेतारपुर गांव के लोग संभावित कटान को लेकर भयभीत हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में कटान हुआ, तो खेत व आशियाने पर खतरा मंडरा सकता है। वहीं सैदपुर विधायक अंकित भारती ने प्रशासन को पत्र लिखकर बाढ़ के मद्देनजर ग्रामीणों के लिए राहत इंतजाम करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने डीएम से कहा....पेयजल व दवा की है दिक्कत
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सेवराई तहसील के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम वीरऊपुर और हसनपुर का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद किया। जिलाधिकारी ने खेतों में जाकर जलभराव की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी घुसने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। जिलाधिकारी ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिया कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कर फसल क्षति का आकलन किया जाए। हसनपुर के पंचायत भवन में उन्होंने ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। ग्रामीणों ने नाव, पीने के पानी, दवाओं और पशुओं के चारे से संबंधित समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित और जलमग्न होने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग और खतरे के निशान लगाए जाएं।
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करीब आठ किलोमीटर लंबा रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम बाईपास अभी भी जलमग्न है। बाइपास मार्ग पर अभी भी दो फीट तक पानी पसरा हुआ है। इसके कारण लोग आवागमन नहीं कर रहे हैं। वहीं हसनपुरा, वीरऊपुर, नगदीलपुर आदि गांवों की गलियों में अभी भी जलभराव की स्थिति है। करीब ढाई फीट तक पानी पसरने के कारण लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के बीच से होकर लोग प्रतिदिन दिनचर्या की आवश्यकताओं की खरीदारी कर रहे हैं। लोग पानी पसरे मार्ग से होकर किराना, मेडिकल आदि की दुकानों पर पहुंच रहे हैं।
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बाजार नहीं कर पा रही हैं महिलाएं
रेवतीपुर इलाके के बाढ़ से प्रभावित गांव हसनपुरा, नगदीलपुर व वीरऊपुर में महिलाओं की दिनचर्या पर सबसे अधिक असर पड़ा है। जलभराव के बीच पुरुष खरीदारी वगैरह के लिए दुकानों तक पहुंच जा रहे हैं। लेकिन, महिलाएं बाजार नहीं कर पा रही हैं। इसके कारण वह अपनी जरूरत की चीजों की खरीदारी नहीं कर पा रही हैं।
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दो दिनों से कटान पर लगा ब्रेक
भांवरकोल क्षेत्र में बीते दो दिनों से गंगा के कटान पर ब्रेक लगा हुआ है। इसके कारण तटवर्ती लोग राहत की सांस ले रहे हैं। लेकिन, तटवर्ती इलाके धर्मपुरा व फिरोजपुर के आसपास गंगा के बाढ़ का पानी अभी भी पसर रहा है। इसके कारण दोनों गांवों के लोग संशकित नजर आ रहे हैं।
गोमती में भी घटाव
खानपुर। गोमती नदी में भी घटाव दर्ज किया गया है। लेकिन, गौरी, गोरखा, गौरहट, भुजाड़ी और तेतारपुर गांव के लोग संभावित कटान को लेकर भयभीत हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में कटान हुआ, तो खेत व आशियाने पर खतरा मंडरा सकता है। वहीं सैदपुर विधायक अंकित भारती ने प्रशासन को पत्र लिखकर बाढ़ के मद्देनजर ग्रामीणों के लिए राहत इंतजाम करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने डीएम से कहा....पेयजल व दवा की है दिक्कत
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सेवराई तहसील के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम वीरऊपुर और हसनपुर का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद किया। जिलाधिकारी ने खेतों में जाकर जलभराव की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी घुसने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। जिलाधिकारी ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिया कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कर फसल क्षति का आकलन किया जाए। हसनपुर के पंचायत भवन में उन्होंने ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। ग्रामीणों ने नाव, पीने के पानी, दवाओं और पशुओं के चारे से संबंधित समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित और जलमग्न होने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग और खतरे के निशान लगाए जाएं।

बाढ के पानी में डूबा जमानिया नगर स्थित बलुआ घाटा का शवदाह स्थल। संवाद