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Ghazipur News: हर महीने हेपेटाइटिस बी, सी के 9 मरीज मिल रहे
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गाजीपुर। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी जैसी संक्रामक बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है। शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित हेपेटाइटिस सेंटर में में बीते दो वर्षों में 538 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। इस समय भी हर माह नौ की संख्या में मरीज पंजीकृत हो रहे हैं।
हेपेटाइटिस सेंटर के नोडल डॉ. अमित ने बताया कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है। इसमें हेपेटाइटिस ए, ई और डी संक्रमित भोजन और पानी से फैलते हैं। जबकि हेपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खून, संक्रमित सुइयों, संक्रमित मां से जन्म नवजात को फैल सकता है। माध्यम से होता है।
यह संक्रमण सीधे शरीर के यकृत को प्रभावित करता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह यकृत को खराब और यकृत कैंसर का कारण बन सकता है। मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित अस्पताल में 25 जुलाई 2024 को हेपेटाइटिस सेंटर का शुभारंभ किया गया था।
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तब से अब तक हेपेटाइटिस बी और सी के कुल 538 मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 124 हेपेटाइटिस बी और आठ हेपेटाइटिस सी के मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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हेपेटाइटिस सेंटर के नोडल डॉ. अमित ने बताया कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है। इसमें हेपेटाइटिस ए, ई और डी संक्रमित भोजन और पानी से फैलते हैं। जबकि हेपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खून, संक्रमित सुइयों, संक्रमित मां से जन्म नवजात को फैल सकता है। माध्यम से होता है।
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यह संक्रमण सीधे शरीर के यकृत को प्रभावित करता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह यकृत को खराब और यकृत कैंसर का कारण बन सकता है। मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित अस्पताल में 25 जुलाई 2024 को हेपेटाइटिस सेंटर का शुभारंभ किया गया था।
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तब से अब तक हेपेटाइटिस बी और सी के कुल 538 मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 124 हेपेटाइटिस बी और आठ हेपेटाइटिस सी के मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।