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Ghazipur News: नवनिर्मित अस्पताल में दस दिन में शुरू होगा ओपीडी
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गाजीपुर। शहर को गोराबाजार स्थित नवनिर्मित तीन सौ बेड के अस्पताल में चिकित्सकीय सामानों के पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। बेड, जांच मशीन के साथ शल्य चिकित्सा के लिए अत्याधुनिक चिकित्सकीय औजारों के आने का क्रम शुरू हो गया है। यहां स्थापित चार ओटी को इन औजारों से लैस किया जाएगा। दस दिन में पहले तो ओपीडी का संचालन होगा। इसके बाद दो से तीन माह में वार्डों में मरीज भी भर्ती होने लगेंगे। ऐसे में जनपद ही नहीं आसपास के जिलों के मरीजों को भी बेहतर चिकित्सकी सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल काॅलेज के स्थापित होने के बाद एक तरफ जहां एमबीबीएस के छात्रों की पौध तैयार हो रही है। वहीं इससे से संबद्ध जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने का क्रम लगातार जारी है। जबकि जिला अस्पताल के पास बने नवनिर्मित सात मंजिला तीन सौ बेड के अस्पताल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इधर, कार्य के अंतिम दौर पर पहुंचते ही मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से चिकित्सकीय सामानों की व्यवस्था भी तेज कर दी गई है। वार्डों में जहां धीरे-धीरे बेड की व्यवस्था की जा रही है। वहीं ओटी में शल्य संबंधित औजारों को भी रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा जांच की भी बेहतर सुविधा यहां मिलेगी।
इसके लिए जांच मशीनों के आने का क्रम भी शुरू हो चुका है। इन तैयारियों के बीच दस दिन के अंदर इस नवनिर्मित अस्पताल में स्थापित ओपीडी कक्षों को संचालन को लेकर कवायद तेज कर दी गई है, जिससे मरीज पहुंचकर चिकित्सकों से परामर्श ले सके और उन्हें उपचार मुहैया हो सके। इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डाॅ. आनंद मिश्रा ने बताया कि दस दिन में ओपीडी का संचालन होने लगेगा। जबकि दो से तीन माह के अंदर वार्डों में मरीज भी भर्ती होने लगेंगे। सामानों के आने का क्रम शुरू हो गया है। इसके संचालित होने से अब मरीजों को उपचार के लिए गैर जनपदों और निजी अस्पतालों की ओर रूख नहीं करना पड़ेगा।
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जल्द स्थापित होगा एलएमओ टैंक
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के संचालित करने की कवायद तो शुरू कर दी गई है। वहीं मरीजों को ऑक्सीजन के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए एलएमओ प्लांट स्थापित कराया जा रहा है। टैंक में लिक्विड ऑक्सीजन उपलब्ध रहेगा, जिससे अस्पतालों को आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी।
नवनिर्मित अस्पताल में चलेगी छह विभागों की ओपीडी
गाजीपुर। नवनिर्मित सात मंजिला तीन सौ बेड के अस्पताल में छह विभागों का संचालन होगा। इसमें सर्जरी, आर्थो, ईएमटी, डेंटल, आई और प्रसूति रोग को शामिल किया गया है। वहीं एमआरआई की मशीन स्थापित कराई जाएगी। नए अस्पताल में 22 ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं। इन कक्षों में सर्जरी, आर्थो, आई, ईएमटी और स्त्री रोग विशेषज्ञ बैठेंगे।मरीजों को भर्ती करने के लिए बने तीन सौ बेड के वार्ड को तीन भागों में विभिक्त किया गया है। इसमें 26 बेड, 25 बेड और 24 बेड का अनुपात रखा गया है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी के लिए कक्ष भी बनाया गया है। यहां आने वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच के लिए जांच केंद्र, ब्लड के लिए ब्लड बैंक और दवा के लिए दवा केंद्र तक की व्यवस्था की गई है। ऐसे में मरीजों को परामर्श और उपचार के साथ सभी चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेंगी।
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल काॅलेज के स्थापित होने के बाद एक तरफ जहां एमबीबीएस के छात्रों की पौध तैयार हो रही है। वहीं इससे से संबद्ध जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने का क्रम लगातार जारी है। जबकि जिला अस्पताल के पास बने नवनिर्मित सात मंजिला तीन सौ बेड के अस्पताल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इधर, कार्य के अंतिम दौर पर पहुंचते ही मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से चिकित्सकीय सामानों की व्यवस्था भी तेज कर दी गई है। वार्डों में जहां धीरे-धीरे बेड की व्यवस्था की जा रही है। वहीं ओटी में शल्य संबंधित औजारों को भी रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा जांच की भी बेहतर सुविधा यहां मिलेगी।
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इसके लिए जांच मशीनों के आने का क्रम भी शुरू हो चुका है। इन तैयारियों के बीच दस दिन के अंदर इस नवनिर्मित अस्पताल में स्थापित ओपीडी कक्षों को संचालन को लेकर कवायद तेज कर दी गई है, जिससे मरीज पहुंचकर चिकित्सकों से परामर्श ले सके और उन्हें उपचार मुहैया हो सके। इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डाॅ. आनंद मिश्रा ने बताया कि दस दिन में ओपीडी का संचालन होने लगेगा। जबकि दो से तीन माह के अंदर वार्डों में मरीज भी भर्ती होने लगेंगे। सामानों के आने का क्रम शुरू हो गया है। इसके संचालित होने से अब मरीजों को उपचार के लिए गैर जनपदों और निजी अस्पतालों की ओर रूख नहीं करना पड़ेगा।
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जल्द स्थापित होगा एलएमओ टैंक
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के संचालित करने की कवायद तो शुरू कर दी गई है। वहीं मरीजों को ऑक्सीजन के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए एलएमओ प्लांट स्थापित कराया जा रहा है। टैंक में लिक्विड ऑक्सीजन उपलब्ध रहेगा, जिससे अस्पतालों को आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी।
नवनिर्मित अस्पताल में चलेगी छह विभागों की ओपीडी
गाजीपुर। नवनिर्मित सात मंजिला तीन सौ बेड के अस्पताल में छह विभागों का संचालन होगा। इसमें सर्जरी, आर्थो, ईएमटी, डेंटल, आई और प्रसूति रोग को शामिल किया गया है। वहीं एमआरआई की मशीन स्थापित कराई जाएगी। नए अस्पताल में 22 ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं। इन कक्षों में सर्जरी, आर्थो, आई, ईएमटी और स्त्री रोग विशेषज्ञ बैठेंगे।मरीजों को भर्ती करने के लिए बने तीन सौ बेड के वार्ड को तीन भागों में विभिक्त किया गया है। इसमें 26 बेड, 25 बेड और 24 बेड का अनुपात रखा गया है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी के लिए कक्ष भी बनाया गया है। यहां आने वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच के लिए जांच केंद्र, ब्लड के लिए ब्लड बैंक और दवा के लिए दवा केंद्र तक की व्यवस्था की गई है। ऐसे में मरीजों को परामर्श और उपचार के साथ सभी चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेंगी।