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Ghazipur News: 20 हजार बीघा में नहीं हो सकी तिलहन और दलहन की बोआई
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दुबिहा। मगई नदी में लगे जाल अब तक नहीं हटने से करईल के किसानों के मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब 20 हजार बीघा में तिलहन और दलहन की अब तक बोआई नहीं हो सकी हे। करीब 30 गांव के किसान प्रभावित हैं। सोमवार को किसानों ने डीएम आर्यका अखौरी से मिलकर समस्या के निस्तारण की गुहार लगाई।
करईल क्षेत्र के करीब एक हजार बीघा खेती योग्य मिट्टी में तिलहन में शामिल अलसी और सरसों के अलावा दलहनी फसल मसूर, चना, मटर और लतरी का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन करते हैं। इन फसलों की बुआई का समय चल रहा है, लेकिन शारदा सहायक नहर का पानी मगई नदी में अचानक छोड़े जाने और नदी में मछली माफियों द्वारा जगह- जगह लगाए गए जाल से करईल के क्षेत्र के किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। बाढ़ के पानी से खेत जलमग्न हो चुके हैं। ऐसे में किसान सही समय पर फसलों की बोआई नहीं कर सकेंगे। किसान अश्वनी राय, शतीश राय, विरेंद्र राय, अनिल राय, मुन्ना, रविशंकर राय, रंजीत राय, पंकज राय, सतीश राय ने बताया कि अधिकारी किसानों को आश्वस्त तो कर रहे हैं, लेकिन उनका असर मछली माफियाओं पर नहीं दिखाई पड़ रहा है। स्थिति यह है कि हाटा, परसा, राजापुर, लौवाडीह, जोगामुसाहिब, करीमुद्दीनपुर, लठ्ठुडीह, मसौनी, ढुडीहा, महेंद, विश्मभरपुर, भरौली सरदरपुर, सोनवानी सहित अन्य गांवों के किसानों की 20 हजार बीघा खेत पानी से प्रभावित है। भाजपा के किसान नेता कृष्णानंद राय के नेतृत्व में किसानों ने डीएम आर्यका अखौरी को पत्रक देकर अवगत कराया कि शारदा सहायक नहर का पानी छोड दिए जाने से किसान परेशान है। पानी निकालने की व्यवस्था की जाए और मछली माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर टुनटुन सिंह, देवा सिंह, संजय राय, पंकज राय आदि मौजूद रहे।
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करईल क्षेत्र के करीब एक हजार बीघा खेती योग्य मिट्टी में तिलहन में शामिल अलसी और सरसों के अलावा दलहनी फसल मसूर, चना, मटर और लतरी का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन करते हैं। इन फसलों की बुआई का समय चल रहा है, लेकिन शारदा सहायक नहर का पानी मगई नदी में अचानक छोड़े जाने और नदी में मछली माफियों द्वारा जगह- जगह लगाए गए जाल से करईल के क्षेत्र के किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। बाढ़ के पानी से खेत जलमग्न हो चुके हैं। ऐसे में किसान सही समय पर फसलों की बोआई नहीं कर सकेंगे। किसान अश्वनी राय, शतीश राय, विरेंद्र राय, अनिल राय, मुन्ना, रविशंकर राय, रंजीत राय, पंकज राय, सतीश राय ने बताया कि अधिकारी किसानों को आश्वस्त तो कर रहे हैं, लेकिन उनका असर मछली माफियाओं पर नहीं दिखाई पड़ रहा है। स्थिति यह है कि हाटा, परसा, राजापुर, लौवाडीह, जोगामुसाहिब, करीमुद्दीनपुर, लठ्ठुडीह, मसौनी, ढुडीहा, महेंद, विश्मभरपुर, भरौली सरदरपुर, सोनवानी सहित अन्य गांवों के किसानों की 20 हजार बीघा खेत पानी से प्रभावित है। भाजपा के किसान नेता कृष्णानंद राय के नेतृत्व में किसानों ने डीएम आर्यका अखौरी को पत्रक देकर अवगत कराया कि शारदा सहायक नहर का पानी छोड दिए जाने से किसान परेशान है। पानी निकालने की व्यवस्था की जाए और मछली माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर टुनटुन सिंह, देवा सिंह, संजय राय, पंकज राय आदि मौजूद रहे।
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