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Ghazipur News: यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा भुगतान पर 0.4% एमडीआर से कारोबार पर पड़ेगा असर

Sun, 20 Sep 2026 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:02 AM IST
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0.4% MDR on UPI payments above Rs 2,000 will impact businesses.
अभिषेक साह, किराना व्यापारी। - फोटो : 1
गाजीपुर। दो हजार रुपये से अधिक के पात्र व्यापारी भुगतान पर यूपीआई शुल्क लगने की चर्चा से शनिवार को बाजार में ग्राहकों और दुकानदारों के बीच असमंजस की स्थिति रही। मोबाइल से भुगतान करने पर अतिरिक्त पैसा देने की चर्चा के बीच कई ग्राहक दुकानदारों से इसकी जानकारी लेते नजर आए। केंद्र सरकार के मुताबिक 2,000 रुपये तक के पात्र व्यापारी भुगतान और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को यूपीआई से रकम भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। ग्राहकों से भी अलग से शुल्क नहीं वसूला जाएगा। नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के पात्र व्यापारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू हो सकता है। यह शुल्क व्यापारी पक्ष से संबंधित है। वहीं, 75 हजार रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। सराफा कारोबारियों का कहना है कि आमतौर पर ग्राहक एक लाख रुपये का भुगतान करते हैं। अब ऐसा करने पर व्यापारियों को 300 रुपये तक अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। हर बार ऐसा होने पर यह परेशानी भरा होगा। किराना व्यापारियों का भी यही कहना है कि 0.4 फीसदी एमडीआर से कारोबार पर असर पड़ेगा। व्यापारियों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
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सोने-चांदी की खरीदारी में अक्सर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान होता है। ऐसे में व्यापारियों को 300 रुपये तक का अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना पड़ सकता है।- संतोष वर्मा, महामंत्री, सर्राफा व्यापार मंडल।
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घरेलू सामान की खरीदारी में भी यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ा है। व्यापारी पहले ही सीमित लाभ में कारोबार करते हैं। ऐसे में शुल्क का असर सीधे कारोबार पर पड़ेगा।-अभिषेक साह, किराना व्यापारी।
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0.4 प्रतिशत शुल्क कम लाभांश वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा। इससे डिजिटल भुगतान के बजाय नकद लेनदेन को बढ़ावा मिलने की आशंका है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।-विनय गुप्ता, कपड़ा कारोबारी

शुल्क का असर अंततः वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ने और व्यापार में लेनदेन की समस्या पैदा होने की आशंका है। सरकार को निर्णय पर दोबारा विचार करना चाहिए।- दिलीप वर्मा, सराफा कारोबारी।

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।- फोटो : 1

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।- फोटो : 1

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।

अभिषेक साह, किराना व्यापारी।- फोटो : 1

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