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Ghazipur News: पोषण पाठशाला शिशुओं को बचाएगी कुपोषण से
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जिला कार्यक्रम विभाग की तरफ से पोषण पाठशाला के माध्यम से बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्हें सही समय पर आहार देने एवं समय-समय पर उनकी स्वास्थ्य जांच कराने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसको लेकर सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजन किए जाएंगे।
शिविर लगाकर बच्चों, किशोरियों, धात्री महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण योजना का लाभ दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को सुपोषित करने के लिए सुपोषण की पाठशाला चलाई जाएगी। जिला कार्यक्रम विभाग की तरफ से समुदाय में लाभार्थियों को ऊपरी आहार के महत्व, छह माह के बाद ऊपरी आहार, स्तनपान से मिलने वाली ऊर्जा, प्रोटीन के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
बच्चों को दिए जाने वाले खाद्य समूह के प्रकार, ऊपरी आहार शुरू करते समय ध्यान देने योग्य बातें, ऊपरी आहार में आने वाली समस्याएं, कुपोषित बच्चों में खानपान संबंधी देखभाल के जागरूक किया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण पाठशाला वेब कास्ट के माध्यम से संचालित होती है। जिसमे सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लाभार्थी, धात्री महिलाओं को जोड़ा जाता है। बच्चों के विकास का सीधा संबंध उनके आहार से होता है।
शिशुओं में कुपोषण रोकने के लिए शासन के निर्देश पर वेब कास्ट के माध्य से पोषण पाठशाला लगाकर गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को दिए जाने वाले आहार के लिए जागरूक किया जाएगा।- दिलीप कुमार पांडेय, डीपीओ।
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शिविर लगाकर बच्चों, किशोरियों, धात्री महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण योजना का लाभ दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को सुपोषित करने के लिए सुपोषण की पाठशाला चलाई जाएगी। जिला कार्यक्रम विभाग की तरफ से समुदाय में लाभार्थियों को ऊपरी आहार के महत्व, छह माह के बाद ऊपरी आहार, स्तनपान से मिलने वाली ऊर्जा, प्रोटीन के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
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बच्चों को दिए जाने वाले खाद्य समूह के प्रकार, ऊपरी आहार शुरू करते समय ध्यान देने योग्य बातें, ऊपरी आहार में आने वाली समस्याएं, कुपोषित बच्चों में खानपान संबंधी देखभाल के जागरूक किया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण पाठशाला वेब कास्ट के माध्यम से संचालित होती है। जिसमे सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लाभार्थी, धात्री महिलाओं को जोड़ा जाता है। बच्चों के विकास का सीधा संबंध उनके आहार से होता है।
शिशुओं में कुपोषण रोकने के लिए शासन के निर्देश पर वेब कास्ट के माध्य से पोषण पाठशाला लगाकर गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को दिए जाने वाले आहार के लिए जागरूक किया जाएगा।- दिलीप कुमार पांडेय, डीपीओ।