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अब केजीएमयू में भी होगा मुफ्त में इलाज
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 08 Jan 2015 11:28 PM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से पुलिस कर्मियों की सहूलियत के लिए कैशलेस के जरिए अब लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू ) मेें जटिल रोगों का मुफ्त में इलाज कराने की सुविधा प्रदान कर दी है। बीमार पुलिसकर्मी, अधिकारी तथा उनके आश्रित यहां हार्टअटैक, टीबी, गुर्दा प्रत्यारोपण, कैंसर, डेंगू, मैनेनजाइटिस तथा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने पर इलाज करा सकेंगे। अभी तक इस प्रकार की सुविधा लखनऊ के एसजीपीजीआई, इलाहाबाद तथा पीजीआई सैफई इटावा में ही उपलब्ध थी। इस सुविधा से गाजीपुर जिले के करीब 22 सौ पुलिस कर्मियों/अधिकारियों के साथ ही उनके आश्रित लाभान्वित होंगे।
पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद की ओर से इस आशय का पत्र गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को भेजा गया है। पत्र के मुताबिक बीमार पुलिसकर्मियों और उनके आश्रितों की बढ़ती तादात को देखते हुए सरकार की ओर से केजेएमयू, लखनऊ में भी कैशलेस के जरिए मुफ्त में इलाज होगा। इसके लिए सरकार की ओर से केजीएमयू के खाते में जीवन रक्षक निधि से 40 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं। यहां इलाज कराने से पूर्व बीमार पुलिसकर्मियों, अधिकारियों तथा उनके आश्रितों का राजपत्रित अधिकारी द्वारा पहचान पत्र, हेल्थ फार्म, प्रमाणित फोटो, घर का पता, फोन नंबर प्रमाणित कराना होगा। प्रमाणित करने वाले राजपत्रित अधिकारी का नाम और उसका सीयूजी मोबाइल नंबर भी बीमार पुलिसकर्मी, अधिकारी तथा उसके आश्रित के प्रार्थना पत्र पर अंकित किया जाएगा। इसके बाद पुलिस मुख्यालय कैंप कार्यालय लखनऊ में नामित अधिकारी परमीन आजाद विशेष कार्याधिकारी कल्याण तथा उनकी अनुपस्थिति में अपर पुलिस अधीक्षक कैंप कार्यालय लखनऊ द्वार संबंधित कर्मी का प्रार्थना पत्र और कागजात का सत्यापन करते हुए चौकी प्रभारी केजीएमयू थाना चौक कोतवाली, जिन्हे नोडल अधिकारी नामित किया गया है, के पास भेजकर संबंधित अभिलेख अंकित कराकर केजीएमयू लखनऊ को भेजा जाएगा। इसके बाद मरीज के वेतन, प्रोन्नति आदि को देखते हुए केजीएमयू द्वारा प्राधिकार पत्र निर्गत किया जाएगा। इसके तहत मरीज को प्राइवेट वार्ड या सामान्य वार्ड, जिसके लिए वह अधिकृत होगा, के अनुसार सुविधा दी जाएगी। जनरल वार्ड उपलब्ध नहीं होने पर उसे प्राइवेट वार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मरीज को दवाइयां, शल्य चिकित्सा एवं मरीज के लिए आम उपयोग की वस्तुएं भी केजीएमयू की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। यही नहीं केजीएमयू से इलाज के लिए बाद बाहर निकलने पर दवाइयों की जरूरत होगी तो सिर्फ पर्चा ही देना पड़ेगा। एसपी डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस नई सुविधा के बारे में जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों तथा अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह केजीएमयू में अपना उपचार करा सकें।
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पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद की ओर से इस आशय का पत्र गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को भेजा गया है। पत्र के मुताबिक बीमार पुलिसकर्मियों और उनके आश्रितों की बढ़ती तादात को देखते हुए सरकार की ओर से केजेएमयू, लखनऊ में भी कैशलेस के जरिए मुफ्त में इलाज होगा। इसके लिए सरकार की ओर से केजीएमयू के खाते में जीवन रक्षक निधि से 40 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं। यहां इलाज कराने से पूर्व बीमार पुलिसकर्मियों, अधिकारियों तथा उनके आश्रितों का राजपत्रित अधिकारी द्वारा पहचान पत्र, हेल्थ फार्म, प्रमाणित फोटो, घर का पता, फोन नंबर प्रमाणित कराना होगा। प्रमाणित करने वाले राजपत्रित अधिकारी का नाम और उसका सीयूजी मोबाइल नंबर भी बीमार पुलिसकर्मी, अधिकारी तथा उसके आश्रित के प्रार्थना पत्र पर अंकित किया जाएगा। इसके बाद पुलिस मुख्यालय कैंप कार्यालय लखनऊ में नामित अधिकारी परमीन आजाद विशेष कार्याधिकारी कल्याण तथा उनकी अनुपस्थिति में अपर पुलिस अधीक्षक कैंप कार्यालय लखनऊ द्वार संबंधित कर्मी का प्रार्थना पत्र और कागजात का सत्यापन करते हुए चौकी प्रभारी केजीएमयू थाना चौक कोतवाली, जिन्हे नोडल अधिकारी नामित किया गया है, के पास भेजकर संबंधित अभिलेख अंकित कराकर केजीएमयू लखनऊ को भेजा जाएगा। इसके बाद मरीज के वेतन, प्रोन्नति आदि को देखते हुए केजीएमयू द्वारा प्राधिकार पत्र निर्गत किया जाएगा। इसके तहत मरीज को प्राइवेट वार्ड या सामान्य वार्ड, जिसके लिए वह अधिकृत होगा, के अनुसार सुविधा दी जाएगी। जनरल वार्ड उपलब्ध नहीं होने पर उसे प्राइवेट वार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मरीज को दवाइयां, शल्य चिकित्सा एवं मरीज के लिए आम उपयोग की वस्तुएं भी केजीएमयू की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। यही नहीं केजीएमयू से इलाज के लिए बाद बाहर निकलने पर दवाइयों की जरूरत होगी तो सिर्फ पर्चा ही देना पड़ेगा। एसपी डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस नई सुविधा के बारे में जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों तथा अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह केजीएमयू में अपना उपचार करा सकें।
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