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एमएसपी तो बढ़ाई पर कम पैदावार में राहत नहीं पाई
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी ) में दलहनी व तिलहन फसलों के मूल्य में 300 से लेकर 523 रुपये तक वृद्धि की घोषणा होने से दलहन की खेती करने वाले किसानों में प्रसन्नता व्याप्त है। मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के करइल इलाके में बड़े पैमाने पर मसूर व मटर की खेती होती है। इसके अलावा अब गर्मी के मौसम में मूंग और उरद की खेती का प्रचलन बढ़ा है। पिछले दो साल अग्रिम बारिश के चलते मूंग और उरद की फसल की कटाई नहीं हो पाई तो कहीं मड़ाई से पहले बारिश हो जाने से पूरी फसल सड़ गई। इस साल स्थिति यह है कि बारिश में देरी और प्रतिकूल मौसम होने से उरद और मूंग की फसल में कीड़ा लग जाने से पैदावार काफी कम हुआ। जिससे किसी खेत में तो फसल की पैदावार उसकी कटाई और मड़ाई में ही चली गई तो कुछ किसानों को वो भी नसीब नहीं हुआ। इस कारण से लागत और मेहनत दोनों ही बेकार चली गई।
वहीं, अरहर 6300 से बढ़कर 6600, मूंग 7275 से 7755, उड़द 6300 से 6600 और कपास 5726 से बढ़कर 6080 रुपये हो गया है। धान का मूल्य प्रति क्विंटल 100 रुपये बढ़ाकर 2040 हो गया है। जिससे आम किसानों को लाभ मिलेगा। बहरहाल, मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में शेरपुर, सेमरा, परसा, टड़वा, सुल्तानपुर, खरडीहा, लौवाडीह, जोगामुसाहिब, प्रधान की बरेजी गांव मे बड़े पैमाने पर दलहन की खेती की जाती है। यहां के आलू उत्पादक किसान आलू की खुदाई करने के बाद उसी खेत में मूंग व उरद की खेती करते है। जिससे तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार एकड़ में दलहन, तिलहन की खेती होती है।
दलहन-तिलहन के एमएसपी पर बढ़ोतरी से तहसील क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिलेगा। विशेषकर उड़द की एमएसपी मे तीन सौ रुपये की वृद्धि से किसानों की आय मे बढ़ोत्तरी होगी। राजेन्द्र राय,टड़वा
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एमएसपी में वृद्धि कर बीज से बाजार तक किसानों को मदद किया जा रहा है। खरीफ की खेती शुरू होने से पहले फसलों की एमएसपी की घोषणा से किसानों को सहायता मिलेगी।
श्याम नारायण राय, लौवाडीह
खरीफ की एमएसपी में जो वृद्धि की गई है वह नाकाफी है। बीज, उर्वरक, डीजल, दवाओं के दाम में वृद्धि के चलते किसानों की लागत काफी बढ़ गई है। इसलिए इस मूल्य वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं होगा।
जवाहर सिंह यादव, मुर्की अगाध
एमएसपी में बढ़ोतरी किए जाने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। किसानों का रुझान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ेगा बल्कि दोनों खाद्य पदार्थों का आयात घटाने में भी मदद मिलेगी। वैसे मौसम की मार से मूंग, उड़द आदि की दलहनी फसलों में पैदावार काफी घटी है।
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वहीं, अरहर 6300 से बढ़कर 6600, मूंग 7275 से 7755, उड़द 6300 से 6600 और कपास 5726 से बढ़कर 6080 रुपये हो गया है। धान का मूल्य प्रति क्विंटल 100 रुपये बढ़ाकर 2040 हो गया है। जिससे आम किसानों को लाभ मिलेगा। बहरहाल, मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में शेरपुर, सेमरा, परसा, टड़वा, सुल्तानपुर, खरडीहा, लौवाडीह, जोगामुसाहिब, प्रधान की बरेजी गांव मे बड़े पैमाने पर दलहन की खेती की जाती है। यहां के आलू उत्पादक किसान आलू की खुदाई करने के बाद उसी खेत में मूंग व उरद की खेती करते है। जिससे तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार एकड़ में दलहन, तिलहन की खेती होती है।
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दलहन-तिलहन के एमएसपी पर बढ़ोतरी से तहसील क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिलेगा। विशेषकर उड़द की एमएसपी मे तीन सौ रुपये की वृद्धि से किसानों की आय मे बढ़ोत्तरी होगी। राजेन्द्र राय,टड़वा
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एमएसपी में वृद्धि कर बीज से बाजार तक किसानों को मदद किया जा रहा है। खरीफ की खेती शुरू होने से पहले फसलों की एमएसपी की घोषणा से किसानों को सहायता मिलेगी।
श्याम नारायण राय, लौवाडीह
खरीफ की एमएसपी में जो वृद्धि की गई है वह नाकाफी है। बीज, उर्वरक, डीजल, दवाओं के दाम में वृद्धि के चलते किसानों की लागत काफी बढ़ गई है। इसलिए इस मूल्य वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं होगा।
जवाहर सिंह यादव, मुर्की अगाध
एमएसपी में बढ़ोतरी किए जाने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। किसानों का रुझान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ेगा बल्कि दोनों खाद्य पदार्थों का आयात घटाने में भी मदद मिलेगी। वैसे मौसम की मार से मूंग, उड़द आदि की दलहनी फसलों में पैदावार काफी घटी है।