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मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट के लिए हुआ भूमि पूजन
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:53 PM IST
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मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट के लिए हुआ भूमि पूजन
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वर्तमान वाणिज्यिक और औद्योगिक अर्थव्यवस्था का मूल आधार उर्जा है। उर्जा की उत्पादन प्रक्रिया से ही औद्योगिक क्रांति संभव है। पृथ्वी पर समस्त उपलब्ध उर्जा का मूल स्रोत सूर्य है। ये बातें शनिवार को ब्लाक के तेतारपुर गांव में मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट के भूमि पूजन के अवसर पर प्रोजेक्ट के तकनीकी सलाहकार अरविंद कुमार ने कही।उत्तर प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विकास अभिकरण के सहयोग से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन कार्यदायी संस्था के निदेशक एसके जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक शैल कुमार ने बताया कि 2 करोड़ तीस लाख की लागत वाली इस परियोजना से पूरा तेतारपुर गांव जगमगाएगा। लगभग पांच माह में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 6000 लोगों की आबादी वाले एक हजार घरों में रोशनी के लिए बल्ब और छोटे पंखे चलेंगे। दिन में तीन से चार ट्यूबेल और कुछ आटा चक्कियां चलेंगी। रात में स्ट्रीट लाइट और ग्रामीणों के घर रोशन होंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बिजली सप्लाई का यह पूर्वांचल का पहला और प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा पावर प्रोजेक्ट है।
इसके पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में एक अन्य प्रोजेक्ट कन्नौज जिले के फकीरपुर में लगाया गया है। प्रोजेक्ट एवं प्लांट के रख-रखाव के बारे में उन्होंने बताया कि इसके रख-रखाव के लिए ग्राम प्रधान के नेतृत्व में एक समिति बनेगी जिसका नजदीकी बैंक में एक खाता होगा। उसी में बिल का पैसा जमा होगा। शुरूआती 5 वर्षो तक रख-रखाव की समस्त जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी। इसके बाद यह प्लांट ग्राम समिति को दे दिया जाएगा। सौ किलोवाट की उर्जा का उत्पादन करने वाली इस परियोजना एवं इसकी स्थापना में ग्राम प्रधान ने विधायक सुभाष पासी का प्रयास बताया।
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इसमें अमरदेव यादव, रमाशंकर, शमशेर सिंह, रामअवध सिंह, रामकिशुन यादव, मृत्युंजय सिंह, राजकुमार चौबे, मुरारी राजभर, रामधनी विश्वकर्मा आदि रहे। अध्यक्षता प्रधान रामप्रताप यादव और संचालन कमलेश सिंह ने किया।
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इस अवसर पर परियोजना निदेशक शैल कुमार ने बताया कि 2 करोड़ तीस लाख की लागत वाली इस परियोजना से पूरा तेतारपुर गांव जगमगाएगा। लगभग पांच माह में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 6000 लोगों की आबादी वाले एक हजार घरों में रोशनी के लिए बल्ब और छोटे पंखे चलेंगे। दिन में तीन से चार ट्यूबेल और कुछ आटा चक्कियां चलेंगी। रात में स्ट्रीट लाइट और ग्रामीणों के घर रोशन होंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बिजली सप्लाई का यह पूर्वांचल का पहला और प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा पावर प्रोजेक्ट है।
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इसके पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में एक अन्य प्रोजेक्ट कन्नौज जिले के फकीरपुर में लगाया गया है। प्रोजेक्ट एवं प्लांट के रख-रखाव के बारे में उन्होंने बताया कि इसके रख-रखाव के लिए ग्राम प्रधान के नेतृत्व में एक समिति बनेगी जिसका नजदीकी बैंक में एक खाता होगा। उसी में बिल का पैसा जमा होगा। शुरूआती 5 वर्षो तक रख-रखाव की समस्त जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी। इसके बाद यह प्लांट ग्राम समिति को दे दिया जाएगा। सौ किलोवाट की उर्जा का उत्पादन करने वाली इस परियोजना एवं इसकी स्थापना में ग्राम प्रधान ने विधायक सुभाष पासी का प्रयास बताया।
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इसमें अमरदेव यादव, रमाशंकर, शमशेर सिंह, रामअवध सिंह, रामकिशुन यादव, मृत्युंजय सिंह, राजकुमार चौबे, मुरारी राजभर, रामधनी विश्वकर्मा आदि रहे। अध्यक्षता प्रधान रामप्रताप यादव और संचालन कमलेश सिंह ने किया।