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Ghazipur News: मतदाता सूची में ऐसे विद्यालयों के नाम, जो धरातल पर नहीं
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विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी खंड की छह जनवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में कई विसंगतियां सामने आने का दावा किया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर सूची की जांच कर खामियां दूर करने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में बताया कि जिले के बूथ संख्या 49, मोहम्मदाबाद क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘आदर्श इंद्र इंटर कॉलेज’ के नाम से 42 मतदाता दर्ज हैं, जबकि इस नाम का कोई विद्यालय संबंधित क्षेत्र में स्थित नहीं है। इसी तरह जिले में कुछ ऐसे विद्यालयों के नाम से भी मतदाता बनाए गए हैं, जिनका धरातल पर अस्तित्व नहीं है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वाराणसी के आयुक्त और जिलाधिकारी को भी ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, बिरनो क्षेत्र के बूथ संख्या 46 में ‘वीपीएसपीयू’ के नाम से 22 और भांवरकोल के बूथ संख्या 51 में 28 मतदाता दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जांच जरूरी है, क्योंकि संबंधित क्षेत्रों में उस विश्वविद्यालय में कार्यरत इतनी संख्या में प्रोफेसरों के निवास करने की संभावना पर भी सवाल उठता है। उन्होंने बताया कि जंगीपुर बूथ संख्या 45 पर सात, बिरनो बूथ संख्या 46 पर 13 और कासिमाबाद बूथ संख्या 48 पर 26 मतदाताओं के नाम बिना विद्यालय के नाम के दर्ज किए गए हैं। कुछ मतदाताओं के नाम दो बार और दो-तीन बूथों पर दर्ज होने का भी आरोप लगाया गया है। ‘बेसिक एजुकेशन’ के नाम से भी मतदाता दर्ज किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि मतदाता बनने के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव आवश्यक है, लेकिन जिले में कुछ ऐसे मतदाता भी बनाए गए हैं, जिनके पास तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इनमें कुछ नाम दो वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) की वेबसाइट पर शिक्षक के रूप में भी दर्ज नहीं थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अधिकांश मतदाताओं के विद्यालयों के नाम इस तरह दर्ज हैं, जिनसे उनका स्थान स्पष्ट नहीं होता। सूची में जीआईसी, जीएनबी, एसपीआईसी, केएनके जैसे संक्षिप्त नाम दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से गाजीपुर के साथ जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, बलिया और चंदौली सहित वाराणसी खंड के सभी जिलों की मतदाता सूचियों की जांच कराने और आवश्यक सुधार के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी वाराणसी तथा सभी सहायक निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी करने की मांग की है।
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उन्होंने पत्र में बताया कि जिले के बूथ संख्या 49, मोहम्मदाबाद क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘आदर्श इंद्र इंटर कॉलेज’ के नाम से 42 मतदाता दर्ज हैं, जबकि इस नाम का कोई विद्यालय संबंधित क्षेत्र में स्थित नहीं है। इसी तरह जिले में कुछ ऐसे विद्यालयों के नाम से भी मतदाता बनाए गए हैं, जिनका धरातल पर अस्तित्व नहीं है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वाराणसी के आयुक्त और जिलाधिकारी को भी ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, बिरनो क्षेत्र के बूथ संख्या 46 में ‘वीपीएसपीयू’ के नाम से 22 और भांवरकोल के बूथ संख्या 51 में 28 मतदाता दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जांच जरूरी है, क्योंकि संबंधित क्षेत्रों में उस विश्वविद्यालय में कार्यरत इतनी संख्या में प्रोफेसरों के निवास करने की संभावना पर भी सवाल उठता है। उन्होंने बताया कि जंगीपुर बूथ संख्या 45 पर सात, बिरनो बूथ संख्या 46 पर 13 और कासिमाबाद बूथ संख्या 48 पर 26 मतदाताओं के नाम बिना विद्यालय के नाम के दर्ज किए गए हैं। कुछ मतदाताओं के नाम दो बार और दो-तीन बूथों पर दर्ज होने का भी आरोप लगाया गया है। ‘बेसिक एजुकेशन’ के नाम से भी मतदाता दर्ज किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि मतदाता बनने के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव आवश्यक है, लेकिन जिले में कुछ ऐसे मतदाता भी बनाए गए हैं, जिनके पास तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इनमें कुछ नाम दो वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) की वेबसाइट पर शिक्षक के रूप में भी दर्ज नहीं थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अधिकांश मतदाताओं के विद्यालयों के नाम इस तरह दर्ज हैं, जिनसे उनका स्थान स्पष्ट नहीं होता। सूची में जीआईसी, जीएनबी, एसपीआईसी, केएनके जैसे संक्षिप्त नाम दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से गाजीपुर के साथ जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, बलिया और चंदौली सहित वाराणसी खंड के सभी जिलों की मतदाता सूचियों की जांच कराने और आवश्यक सुधार के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी वाराणसी तथा सभी सहायक निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी करने की मांग की है।