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बालश्रम के खिलाफ बनाई मानव शृंखला
गाजीपुर।
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:18 PM IST
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लोक हित मंच, सरल नेटवर्क एवं युवा विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को महिलाएं बालश्रम उन्मूलन के खिलाफ सड़क पर उतर आईं। मुहम्मदाबाद विकासखंड के रसूलपुर इचौली मार्ग, दलसागर बलुआ, हव्वासपुर मार्ग तथा मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग पर एक-एक किमी लंबी मानव शृंखला बनाकर बाल श्रम उन्मूलन सहित स्कूली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग पर महिला शृंखला कार्यक्रम की प्रभारी सुरस्वती देवी ने कहा कि बाल मजदूरी हर हाल में बंद होनी चाहिए। दलसागर से बलुआ मार्ग की महिला मानव शृंखला की प्रभारी ऊषा राजभर ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई का स्तर गिरने से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजते।
सरकार की ओर से गरीब बच्चों को सुविधा मुहैया कराना चाहिए, जिससे कि वे मजदूरी करने की बजाय स्कूल जाएं। विद्यालयों में शौचालय तथा पेयजल की समस्या होने की वजह से खास तौर पर बालिकाएं स्कूल जाने से कतराती हैं। लोक हित मंच की सह संयोजक आशा देवी ने कहा कि बाल मजदूरों की तादाद में वृद्धि का मुख्य कारण अभिभावकों की गरीबी तथा सरकारी योजनाओं का गरीबों तक न पहुंच पाना है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था सुधारने में पंचायत, अभिभावक, अधिकारी सभी को मिलकर कार्य करना होगा तभी िशक्षा के स्तर को तेजी से ऊपर उठाया जा सकता है। कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका मंजू देवी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम एवं सरकारी विद्यालयों की स्थिति के प्रति लोगों को जागरूक करना है जिससे लोगों का तेजी से विकास किया जा सके और अभिभावक भी संतुष्ट हों।
इस अवसर पर मीना, गीता, अनीता, सरस्वती, निर्मला, कमलावती, रुक्मीना, मिंता, उर्मिला, रीता, अतवारी, मंगरी, मंशा, सुगंती, तारा, बेचनी, देवंती, लीलावती तथा लीला सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग पर महिला शृंखला कार्यक्रम की प्रभारी सुरस्वती देवी ने कहा कि बाल मजदूरी हर हाल में बंद होनी चाहिए। दलसागर से बलुआ मार्ग की महिला मानव शृंखला की प्रभारी ऊषा राजभर ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई का स्तर गिरने से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजते।
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सरकार की ओर से गरीब बच्चों को सुविधा मुहैया कराना चाहिए, जिससे कि वे मजदूरी करने की बजाय स्कूल जाएं। विद्यालयों में शौचालय तथा पेयजल की समस्या होने की वजह से खास तौर पर बालिकाएं स्कूल जाने से कतराती हैं। लोक हित मंच की सह संयोजक आशा देवी ने कहा कि बाल मजदूरों की तादाद में वृद्धि का मुख्य कारण अभिभावकों की गरीबी तथा सरकारी योजनाओं का गरीबों तक न पहुंच पाना है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था सुधारने में पंचायत, अभिभावक, अधिकारी सभी को मिलकर कार्य करना होगा तभी िशक्षा के स्तर को तेजी से ऊपर उठाया जा सकता है। कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका मंजू देवी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम एवं सरकारी विद्यालयों की स्थिति के प्रति लोगों को जागरूक करना है जिससे लोगों का तेजी से विकास किया जा सके और अभिभावक भी संतुष्ट हों।
इस अवसर पर मीना, गीता, अनीता, सरस्वती, निर्मला, कमलावती, रुक्मीना, मिंता, उर्मिला, रीता, अतवारी, मंगरी, मंशा, सुगंती, तारा, बेचनी, देवंती, लीलावती तथा लीला सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।