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Ghazipur News: सात करोड़ का ट्रांसफॉर्मर लगा, फिर भी बिजली की आंखमिचौली से एक लाख उपभोक्ता परेशान
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बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 132 केवी ट्रांसमिशन सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन उपभोक्ताओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 2024 में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने के बाद सब स्टेशन की क्षमता 40 से बढ़कर 103 एमवीए हो गई। इसके बावजूद करीब एक लाख उपभोक्ता बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, फॉल्ट और अघोषित कटौती से परेशान हैं।
ब्लॉक मुख्यालय स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन सब स्टेशन से 16 सब स्टेशन और 49 फीडर जुड़े हैं। इनके माध्यम से प्रतिमाह करीब 26 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की जाती है। इसके बावजूद क्षेत्र के करीब 300 गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर कई बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज के साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण पीयूष, गुड्डू, जमालुद्दीन, बाउल, हरिपाल और रामदुलार ने बताया कि करीब सात करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी बिजली की समस्या बनी हुई है।
वहीं, अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि विद्युत लाइनों के तार और पोल पुराने व जर्जर होने के कारण बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। पुराने तार और पोल बदलने की योजना पर काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।
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वर्ष 2024 में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने के बाद सब स्टेशन की क्षमता 40 से बढ़कर 103 एमवीए हो गई। इसके बावजूद करीब एक लाख उपभोक्ता बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, फॉल्ट और अघोषित कटौती से परेशान हैं।
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ब्लॉक मुख्यालय स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन सब स्टेशन से 16 सब स्टेशन और 49 फीडर जुड़े हैं। इनके माध्यम से प्रतिमाह करीब 26 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की जाती है। इसके बावजूद क्षेत्र के करीब 300 गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर कई बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज के साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण पीयूष, गुड्डू, जमालुद्दीन, बाउल, हरिपाल और रामदुलार ने बताया कि करीब सात करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी बिजली की समस्या बनी हुई है।
वहीं, अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि विद्युत लाइनों के तार और पोल पुराने व जर्जर होने के कारण बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। पुराने तार और पोल बदलने की योजना पर काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।