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टाइम टेबल बनाएं और रुटीन के हिसाब से करें अध्ययन
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बोर्ड परीक्षा के परिणाम बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यह परिणाम ही आगे का रास्ता बनाते हैं। आम तौर पर छात्र-छात्राएं अच्छे अंक पाने को लेकर तनाव में आ जाते हैं। बोर्ड परीक्षा के समय दिमाग पर बोझ न बनाएं। टाइम टेबल बनाएं और रुटीन के हिसाब से एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करें। अगर आप एकाग्रचित्त होकर पढ़ते हैं तो आपकी पढ़ाई कुछ घंटों में ही पूरी हो जाएगी। इसके बाद समय बढ़ाते हुए रिवीजन करें। महत्वपूर्ण प्रश्नों को हल करें।
परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में बेहतर ढंग से उत्तर लिखें। सफाई से अच्छी हैंडराइटिंग में लिखें, जो प्रश्न नहीं समझ में आ रहा है, उसे अपने किसी मित्र अथवा शिक्षक से पूछ सकते हैं। परीक्षा के दिनों में ठीक से नींद नहीं आती और सुस्ती सी रहती है, ऐसे में इससे बचने के लिए रोजाना ठीक से छह से सात घंटे नींद लें।
शिवपूजन इंटर कालेज मलसा की मनोविज्ञान की प्रवक्ता शुल्का गुप्ता ने कहा कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। सुपाच्य एवं पौष्टिक आहार लें। नींद को भी महत्व दें। छह से सात घंटे नींद अवश्य लें। जितना हो सके तनाव से बचने का प्रयास करें। अभिभावक भी परीक्षा को लेकर अधिक दबाव न बनाएं। याद रखें परीक्षा केवल आपके ज्ञान का आंकलन करती है। संपूर्ण जीवन का मूल्यांकन नहीं। समता इंटर कालेज सादात के मनोविज्ञान के प्रवक्ता कैलाश यादव ने बताया कि कोविड काल में व्यवधान के कारण जो पाठ्यक्रम कम किए गए हैं, उन्हें छोड़कर शेष पाठयक्रम पर ध्यान केंद्रित करें। भरपूर नींद भी लें। तला-भुना एवं गरिष्ठ भोजन से परहेज करें। कुछ समय खेलकूद एवं मनोरंजन के लिए भी निकालें। शहीद स्मारक इंटर कालेज नंदगंज के प्रवक्ता सुधीर सिंह ने कहा कि छात्र-छात्रा बोर्ड परीक्षा को जीवन का एक छोटा सा पड़ाव समझें। जैसे आप गृह परीक्षा के लिए अपने को तैयार रखते हैं, वैसे ही यह भी परीक्षा है। इसके लिए अतिरिक्त तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है। एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करें। दिनचर्या नियमित रखें। कुछ समय खेलकूद एवं योग के लिए भी निकालें। पूर्व प्रधानाचार्य डा. चंद्रभान सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राएं तनाव में न रहें। विषय अनुसार टाइम टेबल बनाकर प्रतिदिन अध्ययन करें। जिन विषयों पर पकड़ कमजोर हो उस पर थोड़ा अधिक समय दें। ऊबन महसूस होने पर किसी रोचक विषय का अध्ययन करें।
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परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में बेहतर ढंग से उत्तर लिखें। सफाई से अच्छी हैंडराइटिंग में लिखें, जो प्रश्न नहीं समझ में आ रहा है, उसे अपने किसी मित्र अथवा शिक्षक से पूछ सकते हैं। परीक्षा के दिनों में ठीक से नींद नहीं आती और सुस्ती सी रहती है, ऐसे में इससे बचने के लिए रोजाना ठीक से छह से सात घंटे नींद लें।
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शिवपूजन इंटर कालेज मलसा की मनोविज्ञान की प्रवक्ता शुल्का गुप्ता ने कहा कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। सुपाच्य एवं पौष्टिक आहार लें। नींद को भी महत्व दें। छह से सात घंटे नींद अवश्य लें। जितना हो सके तनाव से बचने का प्रयास करें। अभिभावक भी परीक्षा को लेकर अधिक दबाव न बनाएं। याद रखें परीक्षा केवल आपके ज्ञान का आंकलन करती है। संपूर्ण जीवन का मूल्यांकन नहीं। समता इंटर कालेज सादात के मनोविज्ञान के प्रवक्ता कैलाश यादव ने बताया कि कोविड काल में व्यवधान के कारण जो पाठ्यक्रम कम किए गए हैं, उन्हें छोड़कर शेष पाठयक्रम पर ध्यान केंद्रित करें। भरपूर नींद भी लें। तला-भुना एवं गरिष्ठ भोजन से परहेज करें। कुछ समय खेलकूद एवं मनोरंजन के लिए भी निकालें। शहीद स्मारक इंटर कालेज नंदगंज के प्रवक्ता सुधीर सिंह ने कहा कि छात्र-छात्रा बोर्ड परीक्षा को जीवन का एक छोटा सा पड़ाव समझें। जैसे आप गृह परीक्षा के लिए अपने को तैयार रखते हैं, वैसे ही यह भी परीक्षा है। इसके लिए अतिरिक्त तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है। एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करें। दिनचर्या नियमित रखें। कुछ समय खेलकूद एवं योग के लिए भी निकालें। पूर्व प्रधानाचार्य डा. चंद्रभान सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राएं तनाव में न रहें। विषय अनुसार टाइम टेबल बनाकर प्रतिदिन अध्ययन करें। जिन विषयों पर पकड़ कमजोर हो उस पर थोड़ा अधिक समय दें। ऊबन महसूस होने पर किसी रोचक विषय का अध्ययन करें।
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