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जाम में फंसे रहे राहगीर
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:01 AM IST
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शहरियों की जाम की जकड़न से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। आए दिन किसी ने किसी मार्ग पर कभी आधा तो कभी एक से लेकर डेढ़ घंटा तक आवागमन करने वालों को जाम से जूझना पड़ रहा है। सोमवार की सुबह शहर के महुआबाग और विशेश्वरगंज जाम की जकड़न में जकड़ा रहा। इस दौरान लोग परेशान रहे। एक घंटा बाद जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सास ली।
वैसे तो शहर में प्रतिदिन किसी न किसी मार्गों पर सुबह से लेकर शाम तक एक से लेकर तीन बार तक जाम लगता है, लेकिन खासकर रविवार की बंदी के बाद सोमवार को कई मार्गों पर वाहनों के पहिए थमते हैं। इसी क्रम में सोमवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे शहर के महुआबाग में जाम का झाम शुरु हो गया। देखते ही देखते जाम ने विकराल रूप धारण कर लिया। महुआबाग से लेकर ओपियम फैक्ट्री तक वाहनों की लाइन लग गई। जाम की जकड़न का आलम यह था कि वाहनों की कौन कहे, पैदल भी एक कदम लोगों का बढ़ पाना संभव नहीं था। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में किचकिच के साथ ही तीखी झपड़ होती रही। यहां जाम लगने की वजह से विशेश्वरगंज मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से उस पर भी जाम लग गया। महुआबाग में जो लोग जाम में सबसे पीछे थे, वह इससे छुटकारा पाने के लिए वाहनों को घुमाकर विशेश्वरगंज मार्ग की तरफ बढ़ रहे थे, कुछ दूर तक तेज रफ्तार में जाने के बाद विशेश्वरगंज पहुंचने पर जाम लगने की वजह से पुन: लोगों के वाहनों पर ब्रेक लग जा रहा था।
लोग इस सोच में पड़ जा रहे थे कि अब वह क्या करें। इस जाम से बचने के लिए लोगों ने मालगोदाम रोड का सहारा लिया। महुआबाग और विशेश्वरगंज में जो लोग जाम में भीड़ में फंसे थे, वह दूसरे रास्तों से जाने के लिए अपने वाहनों को भी घुमा नहीं पा रहे थे। धक्का-मुक्की के बीच युवती और महिलाएं ज्यादा परेशान रही। भीड़ में फंसे लोग यातायात व्यवस्था को कोसते रहे। एक घंटा बाद जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
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वैसे तो शहर में प्रतिदिन किसी न किसी मार्गों पर सुबह से लेकर शाम तक एक से लेकर तीन बार तक जाम लगता है, लेकिन खासकर रविवार की बंदी के बाद सोमवार को कई मार्गों पर वाहनों के पहिए थमते हैं। इसी क्रम में सोमवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे शहर के महुआबाग में जाम का झाम शुरु हो गया। देखते ही देखते जाम ने विकराल रूप धारण कर लिया। महुआबाग से लेकर ओपियम फैक्ट्री तक वाहनों की लाइन लग गई। जाम की जकड़न का आलम यह था कि वाहनों की कौन कहे, पैदल भी एक कदम लोगों का बढ़ पाना संभव नहीं था। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में किचकिच के साथ ही तीखी झपड़ होती रही। यहां जाम लगने की वजह से विशेश्वरगंज मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से उस पर भी जाम लग गया। महुआबाग में जो लोग जाम में सबसे पीछे थे, वह इससे छुटकारा पाने के लिए वाहनों को घुमाकर विशेश्वरगंज मार्ग की तरफ बढ़ रहे थे, कुछ दूर तक तेज रफ्तार में जाने के बाद विशेश्वरगंज पहुंचने पर जाम लगने की वजह से पुन: लोगों के वाहनों पर ब्रेक लग जा रहा था।
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लोग इस सोच में पड़ जा रहे थे कि अब वह क्या करें। इस जाम से बचने के लिए लोगों ने मालगोदाम रोड का सहारा लिया। महुआबाग और विशेश्वरगंज में जो लोग जाम में भीड़ में फंसे थे, वह दूसरे रास्तों से जाने के लिए अपने वाहनों को भी घुमा नहीं पा रहे थे। धक्का-मुक्की के बीच युवती और महिलाएं ज्यादा परेशान रही। भीड़ में फंसे लोग यातायात व्यवस्था को कोसते रहे। एक घंटा बाद जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
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