Booker Prize: गीतांजलि श्री को बुकर पुरस्कार मिलने से गाजीपुर गौरवान्वित, जिले में खुशी का माहौल
जानी-मानी लेखिका गीतांजलि श्री को साल 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज दिया गया है। गीतांजलि श्री गाजीपुर जिले के गोड़उर गांव की निवासी हैं। इससे जनपद में खुशी का माहौल है।
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यूपी के गाजीपुर जिले के गोड़उर गांव की निवासी, लेखिका और उपन्यासकार गीतांजलि श्री के उपन्यास रेत समाधि को साल 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला है। उनके उपन्यास को अंग्रेजी में टॉम्ब आफ सैंड के नाम से अनुवाद किया गया था। हिंदी भाषा का यह पहला उपन्यास है, जिसे यह पुरस्कार दिया गया है। इससे जनपद में खुशी का माहौल है।
65 वर्षीय गीतांजलि श्री के पिता अनिरुद्ध पांडेय सिविल सेवा में थे। जब वह मैनपुरी में तैनात थे, तब गीतांजलि श्री का जन्म हुआ था। उनके बड़े भाई ज्ञानेंद्र पांडेय इतिहासकार हैं। छोटे भाई शैलेंद्र पांडेय डिप्टी सीएजी रह चुके हैं। गुरुवार को बुकर पुरस्कार की घोषणा होने के बाद गीतांजलि श्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने कभी यह पुरस्कार पाने की कल्पना नहीं की थी। कभी सोचा ही नहीं कि वह ऐसा कर सकती हूं। यह बड़ा पुरस्कार है। वह हैरान, प्रसन्न, सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हैं।
बुकर पुरस्कार मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि
उधर, जनपद के साहित्यकार और पत्रकार इस पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। शेरपुर के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार गोपाल जी राय का कहना है कि बुकर पुरस्कार मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। गीतांजलि श्री की रचना साहित्य की दुनिया में नई पहचान है। यह भारत के लिए गौरव का क्षण है।
उन्होंने बताया कि गीतांजलि के भाई ज्ञानेंद्र पांडेय ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन पर पूर्वांचल की भागीदारी पर किताब लिखी थी, जो काफी पठनीय है। वर्तमान में गीतांजलि श्री का परिवार दिल्ली में रहता है। गीतांजलि श्री ने हिंदी साहित्य में उपन्यास, कहानी और जीवनी तीनों विधाओं में रचनाएं लिखी हैं। उनके प्रकाशित उपन्यासों में माई, हमारा शहर उस बरस, तिरोहित, खाली जगह, कहानी संग्रह में वैराग्य, अनुगूंज, मार्च मां और साकुरा, यहां हाथी रहते थे, प्रतिनिधि कहानियां और जीवनी में बिट्वीन टू वर्ल्डस: एन इंटेलेक्चुअल बायोग्राफी ऑफ प्रेमचंद्र हैं।
साहित्य के क्षेत्र में उनको कामों के लिए इंदु शर्मा कथा सम्मान, संस्कृति मंत्रालय की सीनियर फेलोशिप, जापान फाउंडेशन की फेलोशिप, साहित्यकार सम्मान, स्काटलैंड और फ्रांस में राइटर्स रेजिडेंसी और द्विजदेव सम्मान मिल चुका है।