फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   International Booker Prize 2022 to ghazipur daughter Gitanjali Shree novel tomb of Sand ret ki Samadhi, a splash of pride

Booker Prize: गीतांजलि श्री को बुकर पुरस्कार मिलने से गाजीपुर गौरवान्वित, जिले में खुशी का माहौल

Sat, 28 May 2022 09:56 AM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 28 May 2022 09:56 AM IST
सार

जानी-मानी लेखिका गीतांजलि श्री को साल 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज दिया गया है। गीतांजलि श्री गाजीपुर जिले के गोड़उर गांव की निवासी हैं। इससे जनपद में खुशी का माहौल है। 

विज्ञापन
International Booker Prize 2022 to ghazipur daughter Gitanjali Shree  novel tomb of Sand ret ki  Samadhi, a splash of pride
जानी-मानी लेखिका गीतांजलि श्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के गाजीपुर जिले के गोड़उर गांव की निवासी, लेखिका और उपन्यासकार गीतांजलि श्री के उपन्यास रेत समाधि को साल 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला है। उनके उपन्यास को अंग्रेजी में टॉम्ब आफ सैंड के नाम से अनुवाद किया गया था। हिंदी भाषा का यह पहला उपन्यास है, जिसे यह पुरस्कार दिया गया है। इससे जनपद में खुशी का माहौल है।

विज्ञापन


65 वर्षीय गीतांजलि श्री के पिता अनिरुद्ध पांडेय सिविल सेवा में थे। जब वह मैनपुरी में तैनात थे, तब गीतांजलि श्री का जन्म हुआ था। उनके बड़े भाई ज्ञानेंद्र पांडेय इतिहासकार हैं। छोटे भाई शैलेंद्र पांडेय डिप्टी सीएजी रह चुके हैं। गुरुवार को बुकर पुरस्कार की घोषणा होने के बाद गीतांजलि श्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने कभी यह पुरस्कार पाने की कल्पना नहीं की थी। कभी सोचा ही नहीं कि वह ऐसा कर सकती हूं। यह बड़ा पुरस्कार है। वह हैरान, प्रसन्न, सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हैं।

विज्ञापन

बुकर पुरस्कार मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि

उधर, जनपद के साहित्यकार और पत्रकार इस पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। शेरपुर के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार गोपाल जी राय का कहना है कि बुकर पुरस्कार मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। गीतांजलि श्री की रचना साहित्य की दुनिया में नई पहचान है। यह भारत के लिए गौरव का क्षण है।

विज्ञापन
विज्ञापन

International Booker Prize 2022 to ghazipur daughter Gitanjali Shree  novel tomb of Sand ret ki  Samadhi, a splash of pride
गीतांजलि श्री के गांव में जश्न मनाते परिजन - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि गीतांजलि के भाई ज्ञानेंद्र पांडेय ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन पर पूर्वांचल की भागीदारी पर किताब लिखी थी, जो काफी पठनीय है। वर्तमान में गीतांजलि श्री का परिवार दिल्ली में रहता है। गीतांजलि श्री ने हिंदी साहित्य में उपन्यास, कहानी और जीवनी तीनों विधाओं में रचनाएं लिखी हैं। उनके प्रकाशित उपन्यासों में माई, हमारा शहर उस बरस, तिरोहित, खाली जगह, कहानी संग्रह में वैराग्य, अनुगूंज, मार्च मां और साकुरा, यहां हाथी रहते थे, प्रतिनिधि कहानियां और जीवनी में बिट्वीन टू वर्ल्डस: एन इंटेलेक्चुअल बायोग्राफी ऑफ प्रेमचंद्र हैं।

International Booker Prize 2022 to ghazipur daughter Gitanjali Shree  novel tomb of Sand ret ki  Samadhi, a splash of pride

साहित्य के क्षेत्र में उनको कामों के लिए इंदु शर्मा कथा सम्मान, संस्कृति मंत्रालय की सीनियर फेलोशिप, जापान फाउंडेशन की फेलोशिप, साहित्यकार सम्मान, स्काटलैंड और फ्रांस में राइटर्स रेजिडेंसी और द्विजदेव सम्मान मिल चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed