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हत्या के प्रयास में चार दोषियों को कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Mon, 09 Nov 2015 10:38 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश शमशाद अहमद की अदालत ने सोमवार को चार वर्ष पूर्व मरदह थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास मामले में चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को बीस-बीस हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
मरदह थाना क्षेत्र के मलिकनाथपुर गांव की रहने वाली चंदा यादव पत्नी श्यामसुंदर यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 नवंबर 2012 की शाम पांच बजे पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही छब्बी राम, देवशरण, रंभा देवी, लालमुनी देवी, मायावती और शेखर ने जान से मारने की नीयत से उसे लाठी डंडे से मारा पीटा। उसे गंभीर चोटें आईं। थाना मरदह में हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान मायावती और शेखर का नाम निकाल दिया गया।
शेष चार लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह परीक्षित कराए गए। अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने छब्बीराम पुत्र रामदेव राम, देवशरण पुत्र सरूप राम, रंभा देवी पत्नी छब्बीराम और लालमुनी देवी पत्नी देवशरण को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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मरदह थाना क्षेत्र के मलिकनाथपुर गांव की रहने वाली चंदा यादव पत्नी श्यामसुंदर यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 नवंबर 2012 की शाम पांच बजे पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही छब्बी राम, देवशरण, रंभा देवी, लालमुनी देवी, मायावती और शेखर ने जान से मारने की नीयत से उसे लाठी डंडे से मारा पीटा। उसे गंभीर चोटें आईं। थाना मरदह में हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान मायावती और शेखर का नाम निकाल दिया गया।
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शेष चार लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह परीक्षित कराए गए। अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने छब्बीराम पुत्र रामदेव राम, देवशरण पुत्र सरूप राम, रंभा देवी पत्नी छब्बीराम और लालमुनी देवी पत्नी देवशरण को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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