दुबिहा। गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने के कारण करईल क्षेत्र से होकर बहने वाली मगई नदी में भी पानी बढ़ना शुरू हो गया है। नदी में इसी प्रकार बढ़ाव जारी रहा तो तटवर्ती गांवों के किसान परेशानी में पड़ सकते हैं। उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें अभी से खिंच गई है।
देखा जाए तो पिछले तीन दिनों से नदी में बढ़ाव काफी तेज है। इसी रफ्तार से पानी का बढ़ाव जारी रहा तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी फैल सकता है। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों में तबाही मच सकती है। फसलें भी बर्बाद हो सकती है। हर वर्ष इस पानी से दर्जनों गांवों के किसानों की फसल बर्बाद ह ो जाती है और किसान असहाय होकर देखते रह जाते है। यहां तक की उन किसानों की फसलों का उचित मुआवजा तक भी नहीं मिलता। पिछले वर्ष भी बाढ़ की वजह से इन क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी, लेकिन सरकार किसानों का मुआवजा अभी तक नहीं दे पाई। अगर पानी के बढ़ाव में कमी नहीं आई तो नदी के तटवर्ती गांव करीमुद्दीनपुर, सियाड़ी, महेंद, सोनवानी, जोगा, दुबिहा, मसौनी, नसीराबाद, सरदरपुर, खरडीहा, बसनिया आदि गांवों में पानी चला जाएगा। बढ़ते पानी के रुख से क्षेत्रीय लोग भयभीत हो गए हैं। इन क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका से क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए अभी तक कोई इंतजाम सरकार की तरफ से नहीं हो पाया है। समय रहते बाढ़ से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो तबाही तय है।