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Ghazipur News: आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी पति को सात साल की सजा
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गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विजय कुमार ने बृहस्पतिवार को पत्नी को आत्महत्या के लिए विवश करने और दहेज की मांग करने के मामले में दोषी पति सुनील यादव को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने उस पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, मामले में आरोपी सास, ससुर, जेठ और जेठानी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, बिरनो थाना क्षेत्र के जगदीशपुर विद्यापति गांव निवासी ओमप्रकाश यादव ने 30 जून 2017 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 13 जून 2017 को उनकी बहन सरोजा देवी ने फोन कर ससुरालियों द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी थी।
अगले दिन 14 जून को सरोजा की मौत की सूचना मिली। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो ओमप्रकाश ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
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सीजेएम कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने विवाहिता के पति सुनील यादव, ससुर बैजनाथ यादव, सास गिरजा देवी, जेठ सुशील और जेठानी कुसुम देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले में अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने पति सुनील यादव को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, सास गिरजा देवी, ससुर बैजनाथ यादव, जेठ सुशील और जेठानी कुसुम देवी को दोषमुक्त कर दिया।
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अदालत ने उस पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, मामले में आरोपी सास, ससुर, जेठ और जेठानी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, बिरनो थाना क्षेत्र के जगदीशपुर विद्यापति गांव निवासी ओमप्रकाश यादव ने 30 जून 2017 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 13 जून 2017 को उनकी बहन सरोजा देवी ने फोन कर ससुरालियों द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी थी।
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अगले दिन 14 जून को सरोजा की मौत की सूचना मिली। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो ओमप्रकाश ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
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सीजेएम कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने विवाहिता के पति सुनील यादव, ससुर बैजनाथ यादव, सास गिरजा देवी, जेठ सुशील और जेठानी कुसुम देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले में अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने पति सुनील यादव को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, सास गिरजा देवी, ससुर बैजनाथ यादव, जेठ सुशील और जेठानी कुसुम देवी को दोषमुक्त कर दिया।