फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   House collapses into drain, family narrowly escapes

Ghazipur News: भरभरा कर नाले में गिरा मकान, बाल-बाल बचा परिवार

Sun, 11 Aug 2024 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
House collapses into drain, family narrowly escapes
गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के टेढ़ी बाजार मोहल्ले के मल्लाह बस्ती में शनिवार की रात अचानक एक मकान ढह गया। मलबा नाले में समाहित हो गया। हालांकि हादसे की आहट के चलते मकान में रहने वाले सभी छह लोग घर से बाहर हो गए थे। लेकिन, गृहस्थी का पूरा सामान नदी के पानी में समा गया। 20 मिनट की देरी होती तो अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है। पड़ोसियों की सजगता-तत्परता और किस्मत से प्रकाश चंद्र पूरे परिवार संग सकुशल बच गए। रात में ही एडीएम, एसडीएम, सीओ, एसडीओ, ईओ और नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ पहुंचे। पीड़ित परिवार के लोगों से बातचीत करने के साथ ही आसपास के अन्य मकानों को भी देखा कि कहीं कोई इस तरह की गिरने की स्थिति में तो नहीं है।
विज्ञापन

वार्ड नंबर 24 के टेढ़ी बाजार मोहल्ले के मल्लाह टोली से होकर नगर पालिका का एक नाला बहता है। नगर के हिस्से के नालियों का पानी इसी नाले से होकर गंगा में गिरता है। नाले के किनारे पिछले 40 वर्षों से प्रकाश चंद चौधरी और पत्नी संगीता देवी अपने तीन बच्चों रोशनी, लक्ष्मी, रवि चौधरी तथा एक भांजे साहिल के साथ मकान बनाकर रहते थे। प्रकाश सब्जी बेचकर परिवार का जीविकापार्जन करते हैं। रात 9.10 बजे के करीब पड़ोसियों को प्रकाश चंद्र के मकान में कंपन की आहट आई। वह बाहर निकले तो देखा कि प्रकाश चंद्र के मकान के बगल सामुदायिक शौचालय में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। यह देखकर पड़ोसियों ने शोर मचाकर प्रकाशचंद्र और उनके परिवार को बाहर बुलाया। इसके बाद प्रकाश चंद्र अपने परिवार संग मकान से बाहर निकले। 20 मिनट बाद ही मकान भरभराकर नाले में गिर गया। मोहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना नगर पालिका के ईओ लोकेश कुमार सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दी। रात साढ़े दस बजे एडीएम दिनेश कुमार, सदर एसडीएम प्रखर उत्तम, सीओ, एसडीओ सुधीर कुमार, ईओ लोकेश कुमार सिंह और नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर गिरे हुए मकान का मुआयना किया। पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोगों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। साथ ही पीड़ित परिवार को नगर के स्टीमर घाट स्थित रैन बसेरे में शिफ्ट कर दिया गया। प्रकाश चंद्र की पत्नी संगीता देवी कहती हैं कि केवल किसी तरह से जिंदगी बच पाई है। गृहस्थी का पूरा सामान बर्बाद हो गया।
विज्ञापन

नाले में गए 70 हजार रुपये और आभूषण
गाजीपुर। भांजे साहिल ने बताया कि व्यवसाय के नाम पर बैंक से लोन के रूप में डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे। उसमें से 70 हजार रुपये नकदी घर में रखा गया था। 70 हजार नकदी समेत 35 हजार के आभूषण भी गंगा के पानी में समा गया। वहीं गंगा तट से प्रकाश चंद्र के मकान की दूरी लगभग 400 मीटर थी। मकान एक मंजिला था। उसमें तीन कमरे, हाल, किचन, बाथरूम और एक अंडरग्राउंड कमरा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मासूमों की आंखों में एक ही सवाल....अब क्या होगा
गाजीपुर। प्रकाश चंद्र और संगीता देवी की 12 वर्षीय बड़ी पुत्री लक्ष्मी कक्षा सात में पढ़ती है। उससे छोटी पुत्री सात वर्षीय रोशनी चौधरी कक्षा छह की छात्रा है। वहीं छह वर्षीय सबसे छोटा पुत्र रवि यूकेजी का छात्र है। रैन बसेरा में मौजूद मासूमों की आंखों में एक ही सवाल देखा गया कि आखिर अब क्या होगा। उनका आशियना तो अब खत्म हो चुका है। आखिर आगे किस छत के नीचे वह पढ़ेंगे और खेलकूद करेंगे।

दोपहर एक बजे तक भूखा रहा परिवार
गाजीपुर। रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे प्रकाश चंद्र और उनके परिवार के लिए प्रशासन की ओर से भोजन का कोई इंतजाम नहीं कराया गया था। हालांकि प्रशासन की ओर से भरोसा दिया गया था कि परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी। लेकिन, दोपहर तक प्रशासन का भोजन परिवार तक नहीं पहुंचा था। वहीं मोहल्ले के लोगों से बर्तन, सिलिंडर वगैरह मंगवाकर भोजन की व्यवस्था की तैयारी की जा रही थी। नायब तहसीलदार राहुल सिंह ने बताया कि राहत पहुंचा दी गई है। कच्चा राशन भी उपलब्ध कराया गया है। दैवीय आपदा के तहत पीड़ित परिवार को 1.20 लाख रुपये देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
100 वर्ष पुराने मठ की दीवारों में भी दरार
गाजीपुर। प्रकाशचंद्र के ढहे मकान के पास ही नारायण दास उदासीन मठ स्थित है। यह मठ लगभग 100 वर्ष पुराना है। मठ की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ गईं हैं। दरारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि मठ की मरम्मत की जरूरत है। मठ ऐतिहासिक होने के साथ ही नगर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।
सामुदायिक शौचालय पर भी खतरा
गाजीपुर। प्रकाशचंद्र के ढह मकान के ठीक बगल में नगर पालिका का सामुदायिक शौचालय है। शौचालय के नाले वाले हिस्से की ओर दरारें पड़ गईं हैं। यदि भविष्य में नाले में गंगा का पानी और अधिक आया तो शौचालय को भी नुकसान पहुंचना तय है। पास में स्थित शायर माता मंदिर की दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं।
सात साल पहले भी धराशायी हो चुका है एक मकान
गाजीपुर। नगर के अंजनी घाट पर सात वर्ष पूर्व एक मकान धराशायी हो चुका था। नगर के वार्ड नंबर 24 के टेढ़ीबाजार के मल्लाह टोली में जिस नाले के किनारे प्रकाशचंद्र का मकान है, उसी के विपरीत छोर पर अंजनी घाट पड़ता है। वहां पर एक दो मंजिला मकान था। गंगा में बाढ़ आने से नाला उफनाया था, इससे मकान भरभराकर गिर गया था।


गंगा किनारे के सभी मकानों का होगा सर्वे
गाजीपुुर। मकान गिरने की घटना को लेकर नगर पालिका प्रशासन चौकन्ना हो गया है। पालिका ने गंगा किनारे के मकानों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी का सामना न करना पड़े। इसके लिए स्थानीय सभासद, नगर पालिका के कर्मचारी और लोक निर्माण विभाग की मदद लेने के लिए पत्र भेजा है।वाराणसी की तरह यहां भी गंगा किनारे आबादी क्षेत्र और घाट हैं। बड़ी संख्या में मकान हैं, जिनमें कई की मजबूती कमजोर हो गई है। पूर्व के वर्षों में मकान ढह भी गए थे। इसी बीच शुक्रवार की रात भी एक मकान ढह गया। संयोग अच्छा रहा की जनहानि नहीं हुई। इसी गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका ने आसपास के कई मकानों की स्थिति को देखा, जिसके बाद निर्णय लिया कि गंगा किनारे के मकानों का सर्वे कराया जाएगा। ईओ लोकेश कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने सर्वे के लिए पत्र भेज दिया है। सभासद, नगर पालिका कर्मचारी और लोक निर्माण विभाग की मदद ली जा रही है, जो मकानों की स्थिति की जांच करके रिपोर्ट देंगे। यह कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed