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घर तो दे न सके, कम से कम कंबल तो दे दो
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:22 PM IST
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कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कंबल और अलाव की मांग को लेकर विस्थापित कैंपों में रह रहे कटान पीडि़तों ने मुहम्मदाबाद तहसील में बुधवार को धरना दिया। उनका कहना था कि कैंपों में शीतलहर से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। देर शाम धरनास्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने अलाव जलवाने तथा तीन दिन के अंदर कंबल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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बाढ़ और कटान के कहर से सेमरा शिवरायकपुरा गांव के सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। अभी तक शासन प्रशासन की ओर से आवास मुहैया नहीं कराए जाने से ये पीडि़त विस्थापित कैंपों में जैसे-तैसे गुजर बसर कर रहे हैं। लेकिन कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे बनाए गए टेंट के कैंपों में उनकी हड्डियां कड़कड़ाने लगी हैं।
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इसको लेकर बुधवार को गांव बचाओ आंदोलन के अगुवा प्रेमनाथ गुप्ता के नेतृत्व में कटान पीडि़त लामबंद होकर मुहम्मदाबाद तहसील पहुंचे। इसके बाद अलाव जलवाने तथा कंबल मुहैया कराने की मांग को लेकर उनकी ओर से तहसील में धरना शुरू कर दिया गया। दिन भर धरना चलता रहा।
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इस दौरान कटान पीडि़तों का कहना था कि शासन प्रशासन की ओर से मदद के लिए सिर्फ आश्वासन ही दिए जाते रहे हैं। अब तक न जमीन ही मिल सकी और न कोई और इंतजाम हो सका। कड़कड़ाती ठंड में लोग कराह रहे हैं लेकिन अभी तक विस्थापित कैंपों में न तो अलाव जलवाए जा रहे हैं और न ही कंबल ही वितरित किए गए हैं। इसलिए मजबूर होकर धरना देना पड़ रहा है। देर शाम एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र गुप्ता धरनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कैंपों में आज से ही अलाव जलवाने शुरू कर दिए जाएंगे। तीन दिन के अंदर कैंपों में रह रहे लोगोें को कंबल भी मुहैया करा दिया जाएगा। फिर भी कटान पीडि़त देर शाम तक धरनास्थल पर डटे हुए थे। धरना देने वालों में प्रेमनाथ गुप्ता के साथ अमरनाथ, वंशीधर, रामचंद्र, शिव कुमार, परमेश्वर, मालती, बासमती, लालसा, नन्नहकी, संवरू आदि मौजूद थे।