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शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री का कार्यालय घेरा
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:28 PM IST
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सांसद कार्यालय का घेराव करते शिक्षक शिक्षामित्र संघ के लोग।
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संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा की ओर से शुक्रवार को विकास भवन से रैली निकाली गई। विभिन्न रास्तों से होते हुए रैली सिद्धेश्वर नगर पहुंची जहां केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के कार्यालय का घेराव किया।
विकास भवन परिसर में शुक्रवार को तीसरे दिन भी उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष रामप्रताप यादव ने कहा कि सरकार ने हम लोगों के साथ वादाखिलाफी की है। सरकार शिक्षामित्रों को नजरअंदाज कर रही है। उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सरकार ने 10 हजार का निर्णय जो लिया है उससे शिक्षामित्र परिवार के लोग आहत हुए हैं। स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि ऐसा निर्णय लेकर सरकार ने शिक्षामित्रों के जले पर नमक छिड़कने का कार्य किया है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। शिक्षकों के अभाव में सही ढंग से पठन-पाठन का कार्य नहीं हो पा रहा है। शिक्षामित्र अपने मान-सम्मान की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। अगर आवश्यकता पड़ी तो 1.72 लाख शिक्षामित्र अपने परिवार के साथ सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार को मजबूर कर देंगे।
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नागेंद्र यादव ने कहा कि मांग पूरा नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को धार देने को बाध्य होगा। उन्होंने उपस्थित शिक्षामित्रों से एकजुट होकर हक-अधिकार के लिए आगे आने की अपील की। इस अवसर पर मंजय, रीता, राघवेंद्र, अशोक राय, बृजनाथ दुबे, संतोष, दिवाकर, अरविंद, कैलाश, प्रशांत, विद्या, प्रमिला, डिंपल श्रीवास्तव, श्यामलाल, मनोज तथा राजन आदि ने विचार व्यक्त किया।
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विकास भवन परिसर में शुक्रवार को तीसरे दिन भी उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष रामप्रताप यादव ने कहा कि सरकार ने हम लोगों के साथ वादाखिलाफी की है। सरकार शिक्षामित्रों को नजरअंदाज कर रही है। उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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सरकार ने 10 हजार का निर्णय जो लिया है उससे शिक्षामित्र परिवार के लोग आहत हुए हैं। स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि ऐसा निर्णय लेकर सरकार ने शिक्षामित्रों के जले पर नमक छिड़कने का कार्य किया है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। शिक्षकों के अभाव में सही ढंग से पठन-पाठन का कार्य नहीं हो पा रहा है। शिक्षामित्र अपने मान-सम्मान की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। अगर आवश्यकता पड़ी तो 1.72 लाख शिक्षामित्र अपने परिवार के साथ सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार को मजबूर कर देंगे।
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नागेंद्र यादव ने कहा कि मांग पूरा नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को धार देने को बाध्य होगा। उन्होंने उपस्थित शिक्षामित्रों से एकजुट होकर हक-अधिकार के लिए आगे आने की अपील की। इस अवसर पर मंजय, रीता, राघवेंद्र, अशोक राय, बृजनाथ दुबे, संतोष, दिवाकर, अरविंद, कैलाश, प्रशांत, विद्या, प्रमिला, डिंपल श्रीवास्तव, श्यामलाल, मनोज तथा राजन आदि ने विचार व्यक्त किया।