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Ghazipur News: रामपुर में पुल स्थानांतरित करने से गहमर में रोष
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेवराई। गहमर में गंगा पर बनने वाले पक्का पुल को रामपुर -रेवतीपुर स्थानान्तरित करने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। मंगलवार को हुए गहमर व बारा गांव के निवासियों की एक हुई सभा में ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
इसमें प्रमोद सिंह ने कहा कि गहमर में गंगा नदी पर बनने वाला प्रस्तावित पक्का पुल राजनीति का शिकार हो गया है। चंद राजनेता अपने स्वार्थ के लिए इसे ऐसी जगह पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं जहां लागत और दूरी दोनों बढ़ रही है। गहमर परिक्षेत्र के लोग ऐसा होने नहीं देंगे।
वहीं जिला पंचायत क्षेत्र चतुर्थ के सदस्य अफजल आलम ने कहा कि गहमर में प्रस्तावित पक्का पुल बक्सर से 22 और गाजीपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर बनने की घोषणा हुई थी। यह पुल बिहार एवं गंगापार के इलाके को पूर्वांचल एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ेगी। जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के माध्यम से लखनऊ दिल्ली की दूरी कम होगी।
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इस संबंध में अखंड सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि गहमर से पुल को हटाने की घटना नई नहीं है। वर्ष 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने गहमर में पीपा का पुल बनाने की घोषणा किया था। लेकिन बाद में कुसुम राय ने इसे रामपुर में बनवा दिया।
जब 25 साल बाद पक्का पुल बनाने की बात आई तो फिर वही राजनीति शुरू हो गई। सभा के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक कमेटी नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखते हुए पुल को गहमर से नहीं हटाने की मांग करेगी, और यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन से भी गहमर क्षेत्रवासी पीछे नहीं हटेंगे।
इस मौके पर हरेराम सिंह, संजय सिंह, ओमप्रकाश सिंह, कुनाल सिंह, प्रशांत सिंह, चंदन सिंह, अजीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। सभा की अध्यक्षता प्रमोद सिंह व संचालन आनंद मोहन सिंह ने किया।
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सेवराई। गहमर में गंगा पर बनने वाले पक्का पुल को रामपुर -रेवतीपुर स्थानान्तरित करने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। मंगलवार को हुए गहमर व बारा गांव के निवासियों की एक हुई सभा में ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
इसमें प्रमोद सिंह ने कहा कि गहमर में गंगा नदी पर बनने वाला प्रस्तावित पक्का पुल राजनीति का शिकार हो गया है। चंद राजनेता अपने स्वार्थ के लिए इसे ऐसी जगह पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं जहां लागत और दूरी दोनों बढ़ रही है। गहमर परिक्षेत्र के लोग ऐसा होने नहीं देंगे।
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वहीं जिला पंचायत क्षेत्र चतुर्थ के सदस्य अफजल आलम ने कहा कि गहमर में प्रस्तावित पक्का पुल बक्सर से 22 और गाजीपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर बनने की घोषणा हुई थी। यह पुल बिहार एवं गंगापार के इलाके को पूर्वांचल एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ेगी। जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के माध्यम से लखनऊ दिल्ली की दूरी कम होगी।
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इस संबंध में अखंड सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि गहमर से पुल को हटाने की घटना नई नहीं है। वर्ष 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने गहमर में पीपा का पुल बनाने की घोषणा किया था। लेकिन बाद में कुसुम राय ने इसे रामपुर में बनवा दिया।
जब 25 साल बाद पक्का पुल बनाने की बात आई तो फिर वही राजनीति शुरू हो गई। सभा के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक कमेटी नेताओं एवं अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखते हुए पुल को गहमर से नहीं हटाने की मांग करेगी, और यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन से भी गहमर क्षेत्रवासी पीछे नहीं हटेंगे।
इस मौके पर हरेराम सिंह, संजय सिंह, ओमप्रकाश सिंह, कुनाल सिंह, प्रशांत सिंह, चंदन सिंह, अजीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। सभा की अध्यक्षता प्रमोद सिंह व संचालन आनंद मोहन सिंह ने किया।