UP: यहां सीडीओ के स्टेनो की बेटी से लेकर शिक्षक, जवान, पुलिस प्रधान, कोटेदार तक ने बनवाया फर्जी आय प्रमाणपत्र
गाजीपुर जिले में सीडीओ के स्टेनो की बेटी से लेकर शिक्षक, जवान, पुलिस प्रधान, कोटेदार तक ने फर्जी आय प्रमाणपत्र बनवाया है। इस मामले में डीएम के निर्देश पर कार्रवाई भी हुई।
विस्तार
आय प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करता होता है, जो सीधे तहसीलदार कार्यालय से संबंधित लेखपाल के पास फारवर्ड कर दिया जाता है। एक सप्ताह के अंदर जांच कर लेखपाल अपनी रिपोर्ट देता है और फिर आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। ऐसे में कम से कम आय दिखाने के लिए लोग लेखपाल से संपर्क करते हैं।
लेखपाल को खुश करते हुए अपनी आय बीएपीएल कैटगरी में डलवा देते हैं, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर मानते हुए प्राथमिकता दिया जाए। ऐसा छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए सबसे अधिक किया जाता है। लेकिन, अब तो यह खुला खेल सरकारी और संविदा नौकरी के लिए भी किया जाना लगा है।
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ताजा मामला आंगनबाड़ी भर्ती में सामने आया है। इसमें ऐसे 14 मामले सामने आए हैं, जिनमें आवेदन करने वालों ने अपनी आय 42 हजार रुपये से कम दिखा दिया है। ऐसे में पैनल ने उन्हें प्राथमिकता देते हुए पात्र मान लिया और नौकरी के लिए सूची भी जारी कर दी, लेकिन इसके बाद आई शिकायत पर इस खेल का भंडाफोड़ हो गया है।
सीडीओ संतोष कुमार वैश्य के स्टेनो राधेश्याम यादव की बेटी पूजा की नियुक्ति मनिहारी ब्लाॅक के चौखड़ी में हो गई। सूची देखकर हर कोई हैरान हो गया, क्योंकि पूजा के पति अजीत जौनपुर में सरकारी शिक्षक पद पर तैनात हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की तो पता चला कि उन्होंने सालाना आय 42 हजार रुपये दिखाई है। हालांकि शिकायत होते ही पूजा ने पद से त्यागपत्र दे दिया।
कटैला ग्राम पंचायत की प्रधान पूनम ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया था। उनके शिकायत की जांच कराई गई तो उनकी भी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई थी। हालांकि आवेदन निरस्त कर दिया गया।
सैदपुर तहसील क्षेत्र के दादरा दरबेपुर गांव की अप्सरा अंसारी ने भी ऐसा ही खेल किया। उन्होंने 46 हजार से कम आया दिखाते हुए प्रमाण पत्र लेखपाल से जारी करा लिया। आंगनबाड़ी पद पर नियुक्ति होने की सूचना पर लोगों ने शिकायत की तो सच्चाई सामने आई। हालांकि उनकी नियुक्ति होल्ड कर दी गई। वहीं, सैदपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बडवाल ने जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपाल शिवकरण यादव को निलंबित कर दिया।
कटैला ग्राम पंचायत की प्रधान पूनम ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया था। उनके शिकायत की जांच कराई गई तो उनकी भी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई थी। हालांकि आवेदन निरस्त कर दिया गया।
पुलिस से लेकर जवान ने भी बनाया फर्जी आय प्रमाण पत्र
कासिमाबाद तहसील के रामगढ़ निवासी रिंकू अर्द्धसैनिक बल में जवान हैं। उनकी पत्नी बबिता यादव ने भी आंनबाड़ी के लिए आवेदन किया। इसके लिए उन्होंने भी अपनी वार्षिक आय 46 हजार रुपये से कम दिखा गया। इसी तरह मनिहारी ब्लाक के धुरैरा निवासी विजय प्रताप रेलवे में ग्रुप डी में संवर्ग के कर्मचारी हैं। उनकी पत्नी पूजा ने भी आंगनबाड़ी के लिए आवेदन किया, जिनकी वार्षिक आय 46 हजार से कम दिखाई गई। इसी तरह जलालबाद निवासी एक महिला ने कम वार्षिक आय वाले प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया, जबकि शिकायत हुई की उसका पति पुलिस में तैनात है। जांच कराई गई तो सत्यता मिली।
अब तक केवल एक लेखपाल हुई कार्रवाई
सैदपुर तहसील क्षेत्र के दादरा दरबेपुर गांव की अप्सरा अंसारी ने भी ऐसा ही खेल किया। उन्होंने 46 हजार से कम आया दिखाते हुए प्रमाण पत्र लेखपाल से जारी करा लिया। आंगनबाड़ी पद पर नियुक्ति होने की सूचना पर लोगों ने शिकायत की तो सच्चाई सामने आई। हालांकि उनकी नियुक्ति होल्ड कर दी गई। वहीं, सैदपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बडवाल ने जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपाल शिवकरण यादव को निलंबित कर दिया।