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बाढ़: चार तहसीलों में दिख रहा तबाही का मंजर
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मुहम्मदाबाद के शेरपुर कला में डेरा पर से सामान लेकर बाढ़ के पानी में होकर आते ग्रामीण।
- फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। जिले में बाढ़ विनाशकारी रूप लेती जा रही है। गंगा सहित सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा। यह शहर और गांवों में तबाही मचाने को आतुर हैं। आधा जनपद बाढ़ से बुरी तरह है। सदर के साथ जमानिया, सैदपुर और मुहम्मदाबाद तहसीलों में हर तरफ तबाही का मंजर है। बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। गंगा का निम्न जलस्तर 61.550 मीटर, उच्च स्तर 65.220 मीटर पर है। वर्तमान में नदी का जलस्तर 64.180 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर पर है। गुरुवार की सुबह नदी का जलस्तर कुछ घंटे के लिए थम गया था। लेकिन दोपहर बाद गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगा और प्रतिघंटे आधा सेंटीमीटर से पहुंच गया। गंगा के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की धुकधुकी बढ़ गई हैं। लोग एक-एक कर पलायन करने लगे हैं।
देखा जाए तो बाढ़ प्रभावित चार तहसीलों के करीब 1200 से अधिक गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। अब तक फसल और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ग्रस्त इलाके में बिजली और पानी और सड़क व्यवस्था ठप है। सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई गांवों में लोग घरों की छतों पर रहने और खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। इन लोगों तक मदद पहुंचाना भी कठिन हो गया है। दर्जन भर गांवों के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। इस कारण खाने-पीने के सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल -कॉलेज बंद हैं। यहां तक की इन दिनों होने वाली परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। देखा जाए तो कुछ लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों रेड अलर्ट जारी कर दिए हैं। मौसमी सब्जियों की खेती और फसलें बाढ़ के पानी में तबाह हो गई हैं। हर तरफ पानी-ही-पानी है, खेत टापू नजर आ रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन भी चक्रमण कर बचाव और राहत कार्य में जुटा है। रेवतीपुर समेत कुछ इलाकों में चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। पशुपालक भी परेशान हैं। अपने मवेशियों को लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। डूब क्षेत्र से उन्हें निकाल कर सड़क और बंधे पर लाए जरूर हैं, लेकिन उनके चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इन दिनों इलाके की तस्वीर लोगों को अंदर तक झकझोर देने वाली है। संकट की इस घड़ी में समाजसेवी संगठन भी चुप्पी साधे हुए हैं। मदद के लिए अभी तक कोई आगे नहीं आया है। बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी पीड़ा पहुंचाने का काम कर रहा है। वह इलाके जो अधिक प्रभावित है, वहां से प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को निकाल कर राहत शिविरों में पहुंचा दिया है, लेकिन इन शिविरों में अभी तक उनके भोजन आदि की व्यवस्था नहीं की गई है।
गाजीपुर। जनपद के विभिन्न तहसीलों के बाढ़ प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से सेवराई तहसील में नगदीलपुर, हसनपुरा, बिरउपुर, रेवतीपुर, रामपुर, गोपालपुर, कल्याणपुर, पकड़ी, अट्ठहटा, उतरौली, टोंगा, उधरनपुर, नसीरपुर, परमानंदपुर आदि गांव प्रभावित हैं। इसी क्रम में जमानिया तहसील के बाड़ क्षेत्र में आने वाले सब्बलपुर कला, तालपुर माझा, कालनपुर, देवरियां, ताहसयैदराजा, चितावनपट्टी, रामपुर पट्टी सरनामखां, सैदपुर तहसील में गंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से औड़िहार कला, शादीभाभी, मुंहतरकी, रामपुर खटकान, गोपालपुर, रामपुर, सैदपुर, बद्धूपूर, तरायचंडी, वीरपुर तीरवाह, आराजीगंज, चककमाल, भटौली, पाहीपर, पलिया, रामपुर माझा, शेखपुर, बोझा, दियारा बाढ़, दुबैथा, चकरीजंगबरार, चांडीपुर, झरकटा, भरका, धरवां, सरकौली, फुलवारी खुर्द, देवचंदपुर, मंझरियां, छपरा, नारीपचदेवरा, मटियाजेवल तथा गोमती नदी से प्रभावित गांवों में सिधौना, अमेहता, सुरजभानचक, पटना, हथौड़ा, उसहीं, खरौना, गोरखां, गौरी, तेतारपुर, गौरहट, नगरीयानावा, तेलियानी, गदनपुर, भुजाड़ी, मड़ई आदि शामिल हैं। मुहम्मदाबाद तहसील में गंगा से प्रभावित गांव सेमरा, शेरपुर, वीरपुर, बारे, मुहम्मदाबाद, कुंडेसर, पतालगंगा आदि गांव हैं। मगई नदी से प्रभावित गांवों में सियाड़ी, सोनवानी, महेन,गोड़उर, रेडमार, जोगा, सुरतापुर, लोचाइन, दहिनवर, मसौनी आदि गांव शामिल हैं।
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देखा जाए तो बाढ़ प्रभावित चार तहसीलों के करीब 1200 से अधिक गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। अब तक फसल और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ग्रस्त इलाके में बिजली और पानी और सड़क व्यवस्था ठप है। सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई गांवों में लोग घरों की छतों पर रहने और खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। इन लोगों तक मदद पहुंचाना भी कठिन हो गया है। दर्जन भर गांवों के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। इस कारण खाने-पीने के सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल -कॉलेज बंद हैं। यहां तक की इन दिनों होने वाली परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। देखा जाए तो कुछ लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों रेड अलर्ट जारी कर दिए हैं। मौसमी सब्जियों की खेती और फसलें बाढ़ के पानी में तबाह हो गई हैं। हर तरफ पानी-ही-पानी है, खेत टापू नजर आ रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन भी चक्रमण कर बचाव और राहत कार्य में जुटा है। रेवतीपुर समेत कुछ इलाकों में चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। पशुपालक भी परेशान हैं। अपने मवेशियों को लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। डूब क्षेत्र से उन्हें निकाल कर सड़क और बंधे पर लाए जरूर हैं, लेकिन उनके चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इन दिनों इलाके की तस्वीर लोगों को अंदर तक झकझोर देने वाली है। संकट की इस घड़ी में समाजसेवी संगठन भी चुप्पी साधे हुए हैं। मदद के लिए अभी तक कोई आगे नहीं आया है। बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी पीड़ा पहुंचाने का काम कर रहा है। वह इलाके जो अधिक प्रभावित है, वहां से प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को निकाल कर राहत शिविरों में पहुंचा दिया है, लेकिन इन शिविरों में अभी तक उनके भोजन आदि की व्यवस्था नहीं की गई है।
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गाजीपुर। जनपद के विभिन्न तहसीलों के बाढ़ प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से सेवराई तहसील में नगदीलपुर, हसनपुरा, बिरउपुर, रेवतीपुर, रामपुर, गोपालपुर, कल्याणपुर, पकड़ी, अट्ठहटा, उतरौली, टोंगा, उधरनपुर, नसीरपुर, परमानंदपुर आदि गांव प्रभावित हैं। इसी क्रम में जमानिया तहसील के बाड़ क्षेत्र में आने वाले सब्बलपुर कला, तालपुर माझा, कालनपुर, देवरियां, ताहसयैदराजा, चितावनपट्टी, रामपुर पट्टी सरनामखां, सैदपुर तहसील में गंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से औड़िहार कला, शादीभाभी, मुंहतरकी, रामपुर खटकान, गोपालपुर, रामपुर, सैदपुर, बद्धूपूर, तरायचंडी, वीरपुर तीरवाह, आराजीगंज, चककमाल, भटौली, पाहीपर, पलिया, रामपुर माझा, शेखपुर, बोझा, दियारा बाढ़, दुबैथा, चकरीजंगबरार, चांडीपुर, झरकटा, भरका, धरवां, सरकौली, फुलवारी खुर्द, देवचंदपुर, मंझरियां, छपरा, नारीपचदेवरा, मटियाजेवल तथा गोमती नदी से प्रभावित गांवों में सिधौना, अमेहता, सुरजभानचक, पटना, हथौड़ा, उसहीं, खरौना, गोरखां, गौरी, तेतारपुर, गौरहट, नगरीयानावा, तेलियानी, गदनपुर, भुजाड़ी, मड़ई आदि शामिल हैं। मुहम्मदाबाद तहसील में गंगा से प्रभावित गांव सेमरा, शेरपुर, वीरपुर, बारे, मुहम्मदाबाद, कुंडेसर, पतालगंगा आदि गांव हैं। मगई नदी से प्रभावित गांवों में सियाड़ी, सोनवानी, महेन,गोड़उर, रेडमार, जोगा, सुरतापुर, लोचाइन, दहिनवर, मसौनी आदि गांव शामिल हैं।
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