{"_id":"69beea7cf74693d5dd0cc2c4","slug":"examiners-are-not-assigning-a-zero-after-striking-out-incorrect-answers-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-149228-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: परीक्षक गलत उत्तर को काट कर नहीं लिख रहे जीरो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: परीक्षक गलत उत्तर को काट कर नहीं लिख रहे जीरो
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की काॅपियों का मूल्यांकन पांच केंद्रों पर चल रहा है। ईद का पर्व होने के कारण शनिवार को चौथे दिन मूल्यांकन कार्य बंद रहा। शुक्रवार को बोर्ड की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में कई परीक्षकों की लापरवाही सामने आई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के उप सचिव साहब सिंह यादव ने बताया कि कई परीक्षक गलत उत्तर को क्रॉस कर काट तो रहे हैं, लेकिन उस पर शून्य अंक प्रदान नहीं कर रहे हैं, जबकि बोर्ड की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि क्रॉस किए गए उत्तर पर शून्य अंक दिया जाए।
उन्होंने बताया कि कुछ परीक्षक सही उत्तर पर कापी के बाएं हाशिए पर अंक देने के बजाय दाहिने हाशिए या बीच में अंक अंकित कर रहे हैं, जो नियम के विरुद्ध है। काॅपियों में सुंदर लिखावट पर एक अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान है, लेकिन कई जांची गई काॅपियों में यह अंक नहीं दिया गया, जिससे परीक्षार्थियों को नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कई काॅपियों में अंदर और बाहर दिए गए अंकों के योग में त्रुटि है। यह गलती 10 से 15 अंकों तक पाई गई, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि कापी में जहां उत्तर समाप्त होता है, वहां परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक को अपना कोड नंबर अंकित कर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। साथ ही शेष पन्नों को क्रॉस करना भी जरूरी है। 18 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य एक अप्रैल तक चलेगा। बोर्ड का प्रयास है कि परीक्षाफल मई के दूसरे सप्ताह में घोषित कर दिया जाए।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के उप सचिव साहब सिंह यादव ने बताया कि कई परीक्षक गलत उत्तर को क्रॉस कर काट तो रहे हैं, लेकिन उस पर शून्य अंक प्रदान नहीं कर रहे हैं, जबकि बोर्ड की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि क्रॉस किए गए उत्तर पर शून्य अंक दिया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कुछ परीक्षक सही उत्तर पर कापी के बाएं हाशिए पर अंक देने के बजाय दाहिने हाशिए या बीच में अंक अंकित कर रहे हैं, जो नियम के विरुद्ध है। काॅपियों में सुंदर लिखावट पर एक अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान है, लेकिन कई जांची गई काॅपियों में यह अंक नहीं दिया गया, जिससे परीक्षार्थियों को नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कई काॅपियों में अंदर और बाहर दिए गए अंकों के योग में त्रुटि है। यह गलती 10 से 15 अंकों तक पाई गई, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि कापी में जहां उत्तर समाप्त होता है, वहां परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक को अपना कोड नंबर अंकित कर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। साथ ही शेष पन्नों को क्रॉस करना भी जरूरी है। 18 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य एक अप्रैल तक चलेगा। बोर्ड का प्रयास है कि परीक्षाफल मई के दूसरे सप्ताह में घोषित कर दिया जाए।