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Ghazipur News: हर साल देते हैं 2.64 करोड़ वाटर टैक्स फिर भी नहीं मिलता पीने का शुद्ध पानी
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शहर के गोराबाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास जर्जर पाइप लाइन की मरम्मत के लिए सड़क के बीच खोदा ग
गाजीपुर। नगर में वार्ड नंबर नौ के छह से ज्यादा मोहल्लों की करीब 12 हजार की आबादी दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रही है। गोराबाजार, मल्लाह टोली, पीरनगर, चौहान बस्ती, बड़ा महादेवा, छोटा महादेवा, पत्थसर घाट आदि मोहल्लों में करीब 100 साल पहले अंग्रेजों के जमाने में बिछाई गई करीब चार किमी पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
पुरानी और जर्जर पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने के कारण इन मोहल्लों में दूषित पानी की समस्या बनी रहती है। नगर में इन दिनों सीवर लाइन बिछाई जा रही। इसके लिए खुदाई करने पर पुरानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे घरों में गंदा पानी पहुंचने लगता है।
यही नहीं, कभी-कभी जंग लगने से पुरानी पाइप लाइन में रिसाव होने लगता है। इसके चलते भी गंदे पानी की आपूर्ति होने लगती है। लोगों का कहना है कि जब भी टोटी खोलते हैं तो पहले गंदा पानी आता है उसके कुछ देर बाद पानी साफ होता है। 100 रुपये हर महीने वाटर टैक्स देते हैं, फिर भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा।
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शहर में करीब 215 किमी लंबी पाइप लाइन से करीब 22000 हजार घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसके लिए आठ ओवरहेड टैंक बनाए गए है, लेकिन शहर के 25 वार्डों में स्व्च्छ पेयजल तो दूर नियमित आपूर्ति भी नहीं होती है।
कभी किसी तो कभी किसी इलाके में पेयजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और गंदा पानी आने की शिकायतें आती है। नपा के जलकल अनुभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रति माह औसतन 30 से अधिक शिकायतें मिलती है, जिनमें अधिकांश का समाधान किया जाता है।
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पुरानी और जर्जर पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने के कारण इन मोहल्लों में दूषित पानी की समस्या बनी रहती है। नगर में इन दिनों सीवर लाइन बिछाई जा रही। इसके लिए खुदाई करने पर पुरानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे घरों में गंदा पानी पहुंचने लगता है।
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यही नहीं, कभी-कभी जंग लगने से पुरानी पाइप लाइन में रिसाव होने लगता है। इसके चलते भी गंदे पानी की आपूर्ति होने लगती है। लोगों का कहना है कि जब भी टोटी खोलते हैं तो पहले गंदा पानी आता है उसके कुछ देर बाद पानी साफ होता है। 100 रुपये हर महीने वाटर टैक्स देते हैं, फिर भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा।
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शहर में करीब 215 किमी लंबी पाइप लाइन से करीब 22000 हजार घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसके लिए आठ ओवरहेड टैंक बनाए गए है, लेकिन शहर के 25 वार्डों में स्व्च्छ पेयजल तो दूर नियमित आपूर्ति भी नहीं होती है।
कभी किसी तो कभी किसी इलाके में पेयजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और गंदा पानी आने की शिकायतें आती है। नपा के जलकल अनुभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रति माह औसतन 30 से अधिक शिकायतें मिलती है, जिनमें अधिकांश का समाधान किया जाता है।