धनतेरस: गाजीपुर में 212.5 करोड़ का कारोबार, पिछले वर्ष की तुलना में 32.81 प्रतिशत अधिक; खुशी से झूमे कारोबारी
धनतेरस पर जिले के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। त्योहार पर 212.5 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.81 प्रतिशत अधिक है। कारोबार में हुई बढ़ोतरी से व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। सोने-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान की खरीदारी से बाजार गुलजार रहे। कारोबारियों ने इसे मां लक्ष्मी की कृपा और बाजार में उत्साह का प्रतीक बताया।
विस्तार
धनतेरस पर हुई धनवर्षा से जनपद के कारोबारी खुशी से झूम उठे। पिछले वर्ष की तुलना में शुक्रवार को धनतेरस पर 32.81 प्रतिशत अधिक कारोबार हुआ। जिले के बाजारों में मां लक्ष्मी की कृपा बरसी और जमकर धन की बरसात हुई। इससे जनपद की अर्थव्यवस्था को गति मिली। महंगाई के तमाम दावों के बीच ग्राहकों ने आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक समान, ब्रांडेड कपड़े, चार पहिया व दो पहिया वाहनों की खूब खरीदारी हुई।
शहर समेत ग्रामीण इलाकों के बाजारों में सुबह 11 बजे के बाद ग्राहक दिखाई देने लगे थे। शहर में दोपहर होते ही प्रमुख स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों ने झाड़ू, बर्तन, झालर, सजावटी समान, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, फूल-माला, पूजन सामग्री आदि की खरीदारी की।
जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश केशरी ने बताया कि जिले में करीब 212.5 करोड़ रुपये का कारोबार धनतेरस पर हुआ है। दोपहर बाद शहर में खरीदारों की भीड़ उमड़ती चली गई। शहर के मिश्रबाजार, महुआबाग, कचहरी, स्टेशन रोड, सिंचाई विभाग चौराहा, लंका, बंशीबाजार, लालदरवाजा, गांधीपथ, महाजनटोली, चीतनाथ आदि जगहों पर ग्राहकों की भीड़ देखी गई।
चांदी के सिक्के व मूर्ति की रही अधिक मांग
सराफा व्यापार मंडल के महामंत्री संतोष वर्मा ने बताया कि धनतेरस पर चांदी के सिक्के, मूर्ति की अधिक मांग रही। इसके साथ ही ग्राहकों में सोने के हल्के वजन के आभूषणों की खरीदारी का क्रेज दिखाई दिया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सराफा कारोबार 25 प्रतिशत अधिक हुआ है। पूरे जनपद में करीब 15 करोड़ रुपये का सराफा कारोबार हुआ है।
इलेक्ट्रॉनिक कारोबार ने नहीं पकड़ी रफ्तार
इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी श्याम जी ने बताया कि पूरे जनपद में करीब 1.50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय करीब 25 प्रतिशत कम हुआ। सबसे अधिक टीवी व वाशिंग मशीन की बिक्री हुई।
10 प्रतिशत अधिक बिके दो पहिया वाहन
दो पहिया वाहनों के कारोबारी अभिजीत उर्फ राहुल राय ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 प्रतिशत अधिक का कारोबार हुआ है। पूरे जिले में करीब 180 करोड़ रुपये के दो पहिया वाहन बिके। इस तरह से 18 हजार दो पहिया वाहन पूरे जिले में बिक गए। दो पहिया वाहन के कारोबारी शोभित जायसवाल ने बताया कि जिले में दो पहिया वाहन के 60 से 70 शोरूम हैं।
शान की सवारी के लिए खरीदी चार पहिया
शान की सवारी करने के मामले में भी जिले के लोग पीछे नहीं रहे। एक चार पहिया वाहन के शोरूम के मैनेजर अजय सिंह ने बताया कि जिले में चार पहिया वाहनों के पांच शो-रूम हैं। पूरे जिले में करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। लगभग 150 चार पहिया वाहन बिके हैं।
दोपहर से जाम से जूझता रहा शहर
गाजीपुर। धनतेरस पर शहर में पुलिसिंग व ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खुल गई। दोपहर से ही शहर के प्रमुख हिस्से जाम से जूझना शुरू कर दिए थे। शाम होते-होते स्थिति और दयनीय हो गई। इसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के महुआबाग, मिश्रबाजार, गांधीपथ, चीतनाथ आदि जगहों पर जाम की स्थिति देखी गई।
बाजार कारोबार (अनुमान)
- सराफा - 15 करोड़
- दो पहिया वाहन -180 करोड़
- चार पहिया वाहन -5 करोड़
- इलेक्ट्रॉनिक -1.50 करोड़
- कपड़ा - 5.50 करोड़
- अन्य - 5.50 करोड़