{"_id":"57c477064f1c1bbf762cb035","slug":"demands-roared-accountant","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर गरजे लेखपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर गरजे लेखपाल
अमर उजाला ब्रयूराो, गाजीपुर
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
सदर तहसील परिसर में लेखपाल संघ के धरना में बोलते पदाधिकारी लालता सिंह यादव।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से सदर तहसील में चल रहा धरना छठवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान लेखपाल अपनी मांगों के समर्थन में जमकर गरजें। बीते 23 अगस्त से पूर्ण कार्य का बहिष्कार कर वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित कई मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे है।
जनपद में आई बाढ़ की विभीषिका को देख कुछ दिन पूर्व आए लोक निर्माण और सहकारिता मंत्री शिवपाल यादव ने लेखपालों से धरना समाप्त कर कार्य पर लौटने का निर्देश दिया था। साथ ही जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि कार्य पर नहीं लौटने वाले लेखपालों के बस्ते रखवा लिए जाए। इसके बावजूद भी लेखपालों ने निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में धरना जारी रखा। छठवें दिन भी जारी धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक अधिकारियों को सौंपा गया। इसके बाद शासन और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्यों के बीच हुई वार्ता विफल रही। इसके फल स्वरूप लेखपालों को विवश होकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
कहा कि वेतन विसंगति को दूर करने के साथ लेखपालों की शैक्षिक योग्यता स्नातक किया जाए। साथ लेखपालों का पद नाम परिवर्तन कर राजस्व उपनिरीक्षक करने के साथ वेतनमान 5200 से 20200 ग्रेड पे 2800 हो। लेखपालों को सरकारी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। स्थानांतरण निधी में संशोधन हो तथा एक राजस्व निरीक्षक पर पांच लेखपाल की व्यवस्था दी जाए। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2005 से पूर्व नियुक्त लेखपालों को पूरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। झिंगुरी राय, रामलखन, करुणा कांत शुक्ला, धीरेंद्र सिंह, जोखन, संजय पांडेय, रामधारी, वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में आई बाढ़ की विभीषिका को देख कुछ दिन पूर्व आए लोक निर्माण और सहकारिता मंत्री शिवपाल यादव ने लेखपालों से धरना समाप्त कर कार्य पर लौटने का निर्देश दिया था। साथ ही जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि कार्य पर नहीं लौटने वाले लेखपालों के बस्ते रखवा लिए जाए। इसके बावजूद भी लेखपालों ने निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में धरना जारी रखा। छठवें दिन भी जारी धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक अधिकारियों को सौंपा गया। इसके बाद शासन और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्यों के बीच हुई वार्ता विफल रही। इसके फल स्वरूप लेखपालों को विवश होकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
विज्ञापन
कहा कि वेतन विसंगति को दूर करने के साथ लेखपालों की शैक्षिक योग्यता स्नातक किया जाए। साथ लेखपालों का पद नाम परिवर्तन कर राजस्व उपनिरीक्षक करने के साथ वेतनमान 5200 से 20200 ग्रेड पे 2800 हो। लेखपालों को सरकारी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। स्थानांतरण निधी में संशोधन हो तथा एक राजस्व निरीक्षक पर पांच लेखपाल की व्यवस्था दी जाए। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2005 से पूर्व नियुक्त लेखपालों को पूरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। झिंगुरी राय, रामलखन, करुणा कांत शुक्ला, धीरेंद्र सिंह, जोखन, संजय पांडेय, रामधारी, वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन