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आतंकवादियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान शहीद
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 13 May 2015 12:22 AM IST
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गहमर थाना क्षेत्र के करहिया गांव निवासी एवं सीआरपीएफ की 90वीं बटालियन जी कंपनी में तैनात एसआई ओमकार सिंह जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सोमवार को आतंकवादियों के हमले में शहीद हो गए।
इस दौरान उनके साथ ड्यूटी पर तैनात एक अन्य सीआरपीएफ जवान को भी जान गंवानी पड़ी। मौत की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के करहिया गांव निवासी गोकुल सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बडे़ ओमकार सिंह (55) सीआरपीएफ की 90वीं बटालियन जी कंपनी में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे।
सोमवार को वह सीआरपीएफ के एक अन्य जवान के साथ वहां स्थित पेट्रोलपंप के पास ड्यूटी दे रहे थे। इसी बीच आतंकवादियों ने हमला कर दिया।
आतंकवादियों के हमले में ओमकार सिंह और एक अन्य जवान शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पत्नी ऊषा देवी, पुत्र अरविंद, पुत्रियां रितु, ट्विंकल तथा पिका गोकुल सिंह और माता रामधारी दहाड़े मारकर चीख-पुकार करने लगी। उनकी चीख सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
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बिलख रहे लोगों को ढांढस बंधाने वालों की आंखे भी रह-रहकर छलक जा रही थी। शहीदों की धरती के नाम से जाना जाने वाले करहिया गांव का हर कोई इस घटना से दुखी हो गया। शहीद जवान का शव उनके पैतृक गांव बुधवार को दिन में पहुंचने की उम्मीद है।
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इस दौरान उनके साथ ड्यूटी पर तैनात एक अन्य सीआरपीएफ जवान को भी जान गंवानी पड़ी। मौत की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के करहिया गांव निवासी गोकुल सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बडे़ ओमकार सिंह (55) सीआरपीएफ की 90वीं बटालियन जी कंपनी में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे।
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सोमवार को वह सीआरपीएफ के एक अन्य जवान के साथ वहां स्थित पेट्रोलपंप के पास ड्यूटी दे रहे थे। इसी बीच आतंकवादियों ने हमला कर दिया।
आतंकवादियों के हमले में ओमकार सिंह और एक अन्य जवान शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पत्नी ऊषा देवी, पुत्र अरविंद, पुत्रियां रितु, ट्विंकल तथा पिका गोकुल सिंह और माता रामधारी दहाड़े मारकर चीख-पुकार करने लगी। उनकी चीख सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
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बिलख रहे लोगों को ढांढस बंधाने वालों की आंखे भी रह-रहकर छलक जा रही थी। शहीदों की धरती के नाम से जाना जाने वाले करहिया गांव का हर कोई इस घटना से दुखी हो गया। शहीद जवान का शव उनके पैतृक गांव बुधवार को दिन में पहुंचने की उम्मीद है।