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खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी का नया मामला
Updated Thu, 31 May 2018 10:47 PM IST
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जमानिया (गाजीपुर)। कस्बा स्थित यूनियन बैंक की शाखा में खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी का नया मामला प्रकाश में आया है। खाताधारकों ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी को पत्रक देकर पूरे मामले की जांच कर दोषी शाखा प्रबंधक सहित बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बैंक के खाताधारक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि कस्बा स्थित यूनियन बैंक की शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड खाता (केसीसी) तथा बचत खाता है। बैंक मैनेजर और अन्य कर्मियों के सहयोग से बैंक में संजय यादव पुत्र चंद्रमा यादव प्राइवेट कर्मी जो बैंक मित्र के पद पर कार्य करता था। बीते 28 मार्च को मैं तीन लाख रुपया फिक्स करने शाखा में गया तो बैंक मित्र संजय ने मुझसे डेबिट और क्रेडिट बाउचर पर हस्ताक्षर कराकर कहा कि आज शाखा प्रबंधक नहीं हैं। आने पर आपको फिक्स जमा बांड दे दूंगा। इसके बाद मेरे केसीसी खाता संख्या 503/ 2012 से ढाई लाख रुपया मेरे बचत खाता 416102010806858 में ट्रांसफर कर दिया। बचत खाता में पहले से पचास हजार रुपया जमा था। खाता में कुल तीन लाख रुपया हो गए जिसके बाद उसने खाता से नगद निकाल लिया। जब कुछ दिनों बाद बैंक पहुंच कर पासबुक को प्रिंट कराया तो सच्चाई सामने आई। इसी शाखा के खाताधारक शोभनाथ यादव ने भी आरोप लगाया कि बीते 23 अप्रैल को मेरे बचत खाता संख्या 416102010817986 से दो लाख 90 हजार रुपया संजय सिंह के खाते में ट्रांसफर किया गया है जबकि उस दिन बैंक गया ही नहीं था। बताया कि बीते 22 अप्रैल को मेरे घर दरौली शाखा प्रबंधक एवं संजय सिंह (बैंक मित्र) ने पहुंच कर किसान केडिट कार्ड खाता को पुन: रिन्यूवल कराने की बात कह कर कई कागजों पर अंगूठा लगवा लिया था। दूसरे दिन मेरे खाते से पैसा ट्रांसफर हो गया। वहीं शेषनाथ सिंह यादव ने भी आरोप लगाया कि मेरे किसान क्रेडिट कार्ड खाता संख्या 2530 से बचत खाता 416102010818279 में डेढ़ लाख रुपया ट्रांसफर कर 24 मार्च को निकाल लिया गया है, जबकि मैं उस दिन बैंक गया नहीं था। इस संबंध में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक प्रताप ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा ही पैसा ट्रांसफर कराया गया है। उप जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले में शाखा प्रबंधक को सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय पर बुलाया गया है ताकि मामले की जांच की जा सके।
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बैंक के खाताधारक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि कस्बा स्थित यूनियन बैंक की शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड खाता (केसीसी) तथा बचत खाता है। बैंक मैनेजर और अन्य कर्मियों के सहयोग से बैंक में संजय यादव पुत्र चंद्रमा यादव प्राइवेट कर्मी जो बैंक मित्र के पद पर कार्य करता था। बीते 28 मार्च को मैं तीन लाख रुपया फिक्स करने शाखा में गया तो बैंक मित्र संजय ने मुझसे डेबिट और क्रेडिट बाउचर पर हस्ताक्षर कराकर कहा कि आज शाखा प्रबंधक नहीं हैं। आने पर आपको फिक्स जमा बांड दे दूंगा। इसके बाद मेरे केसीसी खाता संख्या 503/ 2012 से ढाई लाख रुपया मेरे बचत खाता 416102010806858 में ट्रांसफर कर दिया। बचत खाता में पहले से पचास हजार रुपया जमा था। खाता में कुल तीन लाख रुपया हो गए जिसके बाद उसने खाता से नगद निकाल लिया। जब कुछ दिनों बाद बैंक पहुंच कर पासबुक को प्रिंट कराया तो सच्चाई सामने आई। इसी शाखा के खाताधारक शोभनाथ यादव ने भी आरोप लगाया कि बीते 23 अप्रैल को मेरे बचत खाता संख्या 416102010817986 से दो लाख 90 हजार रुपया संजय सिंह के खाते में ट्रांसफर किया गया है जबकि उस दिन बैंक गया ही नहीं था। बताया कि बीते 22 अप्रैल को मेरे घर दरौली शाखा प्रबंधक एवं संजय सिंह (बैंक मित्र) ने पहुंच कर किसान केडिट कार्ड खाता को पुन: रिन्यूवल कराने की बात कह कर कई कागजों पर अंगूठा लगवा लिया था। दूसरे दिन मेरे खाते से पैसा ट्रांसफर हो गया। वहीं शेषनाथ सिंह यादव ने भी आरोप लगाया कि मेरे किसान क्रेडिट कार्ड खाता संख्या 2530 से बचत खाता 416102010818279 में डेढ़ लाख रुपया ट्रांसफर कर 24 मार्च को निकाल लिया गया है, जबकि मैं उस दिन बैंक गया नहीं था। इस संबंध में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक प्रताप ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा ही पैसा ट्रांसफर कराया गया है। उप जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले में शाखा प्रबंधक को सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय पर बुलाया गया है ताकि मामले की जांच की जा सके।
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