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संदिग्ध परिस्थितियों में छात्र का अपहरण, मिला
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कासिमाबाद। थाना क्षेत्र के चवरा और वेदबिहारी गांव के बीच बुधवार की सुबह स्कूल जा रहे 11 वर्षीय छात्र का अपहरण हो गया। हालांकि दो घंटे बाद छात्र अपने ननिहाल मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के पिपरसात (ढैंचा) गांव में पाया गया। इस मामले में छात्र के पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। वहीं, पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है।
चवरा गांव निवासी भरत राजभर का पुत्र प्रीतम राजभर (11) कक्षा चार में वेद बिहारी पोखरा स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। सुबह वह साइकिल से स्कूल के लिए निकला। करीब दो घंटे बाद वह जो अपने ननिहाल मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के पिपरसात (ढैंचा) गांव पहुंचा और खुद के अपहरण की कहानी बताई। उसने बताया कि स्कूल के पास सुबह करीब आठ बजे दो बाइकों पर सवार चार लोग उसके पास पहुंचे और एक बाइक पर जबरन उसे बैठा लिया। साथ ही दूसरी पर सवार लोगों ने उसकी साइकिल उठा ली। इसके बाद अपहरणकर्ता करीब साढ़े दस बजे उसे पिपरसात (ढैंचा) गांव में छोड़कर चले गए। नाती की बातें सुनने के बाद नाना दुखंती ने इसकी जानकारी दामाद भरत राजभर को दी। कुछ ही देर बाद भरत वहां पहुंच गए और प्रीतम को साथ लेकर परिवार के अन्य लोगों के साथ थाना गए। भरत ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महमूद अली का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। उन्होंने कहा कि अपहरण करने वाले प्रीतम को साइकिल सहित क्यों ले जाएंगे। यही नहीं, अपहरण करने के बाद उसे उसके ननिहाल के पास क्यों छोड़ दिया। वहीं, छात्र की बहन से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि प्रीतम तीन दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। आज उसे जबरदस्ती स्कूल भेजा गया था। हो सकता है कि स्कूल जाने से बचने के लिए उसने अपने अपहरण की कहानी रची हो। फिर भी मामले की छानबीन की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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चवरा गांव निवासी भरत राजभर का पुत्र प्रीतम राजभर (11) कक्षा चार में वेद बिहारी पोखरा स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। सुबह वह साइकिल से स्कूल के लिए निकला। करीब दो घंटे बाद वह जो अपने ननिहाल मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के पिपरसात (ढैंचा) गांव पहुंचा और खुद के अपहरण की कहानी बताई। उसने बताया कि स्कूल के पास सुबह करीब आठ बजे दो बाइकों पर सवार चार लोग उसके पास पहुंचे और एक बाइक पर जबरन उसे बैठा लिया। साथ ही दूसरी पर सवार लोगों ने उसकी साइकिल उठा ली। इसके बाद अपहरणकर्ता करीब साढ़े दस बजे उसे पिपरसात (ढैंचा) गांव में छोड़कर चले गए। नाती की बातें सुनने के बाद नाना दुखंती ने इसकी जानकारी दामाद भरत राजभर को दी। कुछ ही देर बाद भरत वहां पहुंच गए और प्रीतम को साथ लेकर परिवार के अन्य लोगों के साथ थाना गए। भरत ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महमूद अली का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। उन्होंने कहा कि अपहरण करने वाले प्रीतम को साइकिल सहित क्यों ले जाएंगे। यही नहीं, अपहरण करने के बाद उसे उसके ननिहाल के पास क्यों छोड़ दिया। वहीं, छात्र की बहन से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि प्रीतम तीन दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। आज उसे जबरदस्ती स्कूल भेजा गया था। हो सकता है कि स्कूल जाने से बचने के लिए उसने अपने अपहरण की कहानी रची हो। फिर भी मामले की छानबीन की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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