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साथ निकली तीनों किशोरियों की अर्थी
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:28 AM IST
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खानपुर(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के सईचानपुर गांव में रविवार की दोपहर तालाब में डूब कर हुई तीन किशोरियों की मौत से एक तरफ जहां मृतका के घर में कोहराम मच गया। वहीं गांववासी शोक में डूब गए। तीनों किशोरियों की अर्थी अंतिम संस्कार के लिए एक साथ निकली। इस शवयात्रा पर जिस किसी की भी नजर पड़ी, उसकी आंखें नम हो गईं।
प्रियंका, रूबी और प्रीति प्रतिदिन तालाब में नहाने के लिए जाती थी और नहा कर लौट आती थी। आज भी घर से तालाब के लिए नहाने के निकली थी। प्रियंका और रूबी की मां पुनीता राजभर उनके घर आने की राह निहार रही थी। इसी दौरान जैसे ही उसे इस बात की जानकारी हुई कि प्रियंका, रूबी और प्रीति तालाब में डूब गई हैं, वह बदहवास होकर मौके की तरफ दौड़ पड़ी। जैसे ही वह पोखरा पर पहुंची और बेटियों के शव को पानी में उतराया हुआ देखा, छाती पीट कर चीखने-चिल्लाने लगी। वह बिलखते हुए उस तालाब को कोसने लगी, जिसमें डूबने से उसकी बच्चियों की मौत हुई थी। मौके पर मौजूद महिलाएं भी उसे सांत्वना देते-देते खुद फफककर रोने लग रही थी। घटना से गांववासी दुखी थे। दुखी मन से आपस में यह बातें करते रहे कि महिलाओं ने प्रियंका और रूबी को नहाने से मना किया था, कहा था कि बारिश के चलते तालाब में पानी बढ़ा हुआ है, लेकिन उन्होंने महिलाओं की बात नहीं मानी और नहाने के लिए चली गई और काल के गाल में समा गई। लोगों की इन बातों को सुनते हुए मौजूद कोई यह बोल पड़ रहा था कि सब किस्मत की बात है। शायद ऊपर वाले को यही मंजूर था।
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प्रियंका, रूबी और प्रीति प्रतिदिन तालाब में नहाने के लिए जाती थी और नहा कर लौट आती थी। आज भी घर से तालाब के लिए नहाने के निकली थी। प्रियंका और रूबी की मां पुनीता राजभर उनके घर आने की राह निहार रही थी। इसी दौरान जैसे ही उसे इस बात की जानकारी हुई कि प्रियंका, रूबी और प्रीति तालाब में डूब गई हैं, वह बदहवास होकर मौके की तरफ दौड़ पड़ी। जैसे ही वह पोखरा पर पहुंची और बेटियों के शव को पानी में उतराया हुआ देखा, छाती पीट कर चीखने-चिल्लाने लगी। वह बिलखते हुए उस तालाब को कोसने लगी, जिसमें डूबने से उसकी बच्चियों की मौत हुई थी। मौके पर मौजूद महिलाएं भी उसे सांत्वना देते-देते खुद फफककर रोने लग रही थी। घटना से गांववासी दुखी थे। दुखी मन से आपस में यह बातें करते रहे कि महिलाओं ने प्रियंका और रूबी को नहाने से मना किया था, कहा था कि बारिश के चलते तालाब में पानी बढ़ा हुआ है, लेकिन उन्होंने महिलाओं की बात नहीं मानी और नहाने के लिए चली गई और काल के गाल में समा गई। लोगों की इन बातों को सुनते हुए मौजूद कोई यह बोल पड़ रहा था कि सब किस्मत की बात है। शायद ऊपर वाले को यही मंजूर था।
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