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थाने पर पहुंच लेखपालों ने की नारेबाजी
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। लेखपाल के साथ मारपीट के मामले को लेकर मंगलवार को थाने में लेखपालों ने जम कर हंगामा किया। तहसील के सभी लेखपाल एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। बाद में पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर दो लोगों के ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया।
लेखपाल अनिल कुमार प्रजापति कासिमाबाद तहसील के मरदह विकास खंड के रायपुर बाघपुर सर्किल में तैनात हैं। उनका आरोप है कि रोहिली गांव निवासी परमहंस मिश्रा एवं समरजीत सिंह मरदह कानूनगो के आफिस से बाहर बुला कर हमसे गाली-गलौज किए। उस समय उनके हाथ में कई लोगों का प्रार्थना पत्र भी मौजूद था। जिसे उन लोगों ने फाड़ दिया तथा लात-घूसों से मारने लगे। बाद में अन्य लेखपाल आ गए तथा बीच-बचाव कर बचाया। दोनों ने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।
इसके बाद लेखपाल संघ अध्यक्ष चितरंजन चौहान के नेतृत्व सभी लेखपाल कोतवाली पहुंच गए। सभी परमहंस मिश्रा और समरजीत सिंह के तुरंत गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने अनिल की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। उधर परमहंस मिश्रा ने बताया कि एक वर्ष पूर्व हमारे गांव के संतन चौहान की मृत्यु हो चुकी है। उनकी विधवा पत्नी इंद्रावती देवी ने लेखपाल अनिल प्रजापति को वरासत कराने को कहा था। इसके लिए लेखपाल ने सुविधा शुल्क भी लिया था। बाद में वह इस काम को टालने लगे। इंद्रावती ने हम लोगों से अपना काम न होने की दशा में दिया गया पैसा मांग रही थी। बताया कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हो गया है।
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लेखपाल अनिल कुमार प्रजापति कासिमाबाद तहसील के मरदह विकास खंड के रायपुर बाघपुर सर्किल में तैनात हैं। उनका आरोप है कि रोहिली गांव निवासी परमहंस मिश्रा एवं समरजीत सिंह मरदह कानूनगो के आफिस से बाहर बुला कर हमसे गाली-गलौज किए। उस समय उनके हाथ में कई लोगों का प्रार्थना पत्र भी मौजूद था। जिसे उन लोगों ने फाड़ दिया तथा लात-घूसों से मारने लगे। बाद में अन्य लेखपाल आ गए तथा बीच-बचाव कर बचाया। दोनों ने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।
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इसके बाद लेखपाल संघ अध्यक्ष चितरंजन चौहान के नेतृत्व सभी लेखपाल कोतवाली पहुंच गए। सभी परमहंस मिश्रा और समरजीत सिंह के तुरंत गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने अनिल की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। उधर परमहंस मिश्रा ने बताया कि एक वर्ष पूर्व हमारे गांव के संतन चौहान की मृत्यु हो चुकी है। उनकी विधवा पत्नी इंद्रावती देवी ने लेखपाल अनिल प्रजापति को वरासत कराने को कहा था। इसके लिए लेखपाल ने सुविधा शुल्क भी लिया था। बाद में वह इस काम को टालने लगे। इंद्रावती ने हम लोगों से अपना काम न होने की दशा में दिया गया पैसा मांग रही थी। बताया कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हो गया है।
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