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सराफा हत्याकांड: कोतवाल पर गिरी गाज
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:28 PM IST
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गाजीपुर। चर्चित सराफा हत्याकांड में शहर कोतवाल राजीव सिंह पर गाज गिर गई। एक माह बाद भी मामले का खुलासा न होने पर पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने उन्हें क्राइम ब्रांच से संबद्ध कर दिया। पुलिस कप्तान की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
बीते 21 सितंबर को मुहर्रम की रात करीब नौ बजे स्टेशन रोड पर स्थित अपनी सर्राफा की दुकान बंद कर शहर कोतवाली क्षेत्र के सनबाजार (किलो कोहना) निवासी सुशील वर्मा (32) बाइक से घर लौट रहा था। इसी बीच वह टैक्सी स्टैंड स्थित भाजपा कार्यालय के पास अंग्रेजी शराब की दुकान पर शराब लेने के लिए रूका था। वह काउंटर के बाहर पहुंचा तभी बदमाश ने सर में सटाकर गोली मार दी और आभूषण तथा नगदी लूटकर फरार हो गए थे। मृतक के पिता ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दूसरे दिन जल्द से जल्द हमलावर को गिरफ्तार करने और मृतक के परिजनों के मुआवजा की मांग के लेकर मुहल्लावालियों और सर्राफा करोबारियों ने घंटों सड़क जाम किया था। पुलिस अधिकारियों ने हमलावर की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाते हुए जाम समाप्त कराया था। बदमाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रही। बावजूद एक माह बाद भी उसे सफलता नहीं मिली। एसपी द्वारा कोतवाल को लगातार मामले का खुलासा करने के लिए निर्देश दिया जाता रहा, लेकिन वे गिरफ्तारी करने में असफल रहे। इससे नाराज पुलिस अधीक्षक ने उन्हें क्राइम ब्रांच से संबद्ध कर दिया। फिलहाल कोतवाली का चार्ज बृजेश कुमार यादव को सौंपा गया है। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी और कर्मी सदर कोतवाल पर गिरी इस गाज की आपस में चर्चा करते नजर आए।
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बीते 21 सितंबर को मुहर्रम की रात करीब नौ बजे स्टेशन रोड पर स्थित अपनी सर्राफा की दुकान बंद कर शहर कोतवाली क्षेत्र के सनबाजार (किलो कोहना) निवासी सुशील वर्मा (32) बाइक से घर लौट रहा था। इसी बीच वह टैक्सी स्टैंड स्थित भाजपा कार्यालय के पास अंग्रेजी शराब की दुकान पर शराब लेने के लिए रूका था। वह काउंटर के बाहर पहुंचा तभी बदमाश ने सर में सटाकर गोली मार दी और आभूषण तथा नगदी लूटकर फरार हो गए थे। मृतक के पिता ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दूसरे दिन जल्द से जल्द हमलावर को गिरफ्तार करने और मृतक के परिजनों के मुआवजा की मांग के लेकर मुहल्लावालियों और सर्राफा करोबारियों ने घंटों सड़क जाम किया था। पुलिस अधिकारियों ने हमलावर की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाते हुए जाम समाप्त कराया था। बदमाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रही। बावजूद एक माह बाद भी उसे सफलता नहीं मिली। एसपी द्वारा कोतवाल को लगातार मामले का खुलासा करने के लिए निर्देश दिया जाता रहा, लेकिन वे गिरफ्तारी करने में असफल रहे। इससे नाराज पुलिस अधीक्षक ने उन्हें क्राइम ब्रांच से संबद्ध कर दिया। फिलहाल कोतवाली का चार्ज बृजेश कुमार यादव को सौंपा गया है। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी और कर्मी सदर कोतवाल पर गिरी इस गाज की आपस में चर्चा करते नजर आए।
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