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शराब की दुकान हटाने के लिए डीएम के सौंपा पत्रक
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:40 PM IST
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करंडा(गाजीपुर)। प्रमुख समाजसेवी संस्था स्वाभिमान संगठन एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष देवेश सिंह ने नेतृत्व में जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। दिए गए पत्रक में कहा कि करंडा के दीनापुर चतरपुरा में पिछले कुछ वर्ष पूर्व खुली देशी शराब की दुकान से आसपास के गांवों को परेशानी हो रही है। शराबी नशे की हालत में महिलाओं और युवतियों की छीटाकशी के साथ ही आएदिन मारपीट कर माहौल को खराब कर रहे हैं।
दुकान खुलने से दीनापुर चतरपुरा, बड़सरा,नौदर और जमुआंव के नाबालिग बच्चे भी तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं। आएदिन शराबियों में मारपीट होना आम बात होती जा रही है। दीनापुर स्थित शराब की दुकान छह शिक्षण संस्थानों के मध्य में स्थित है, जिसकी वजह से कई बार स्कूली छात्राओं से छेड़-छाड़ की भी शिकायत मिली है। नशे की चपेट में आने से अब तक अत्यधिक शराब पीने और दुर्घटना का शिकार होने से डेढ़ दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है। पत्रक पढ़ने के बाद तत्काल सदर उपजिलाधिकारी विनय गुप्ता ने जिला आबकारी अधिकारी से तुरंत आख्या मांगी। संगठन के प्रवक्ता विनीत दुबे ने कहा कि हम लाइसेंस वितरण प्रक्रिया से पहले ही दुकान को हटाने के लिए इसलिए मांग कर रहे है कि प्रशासन आसानी से दुकान को हटा सके। यदि दुकान यहां से दूर स्थानांतरित नहीं हुई तो तीन-चार गांवों के लोग दुकान हटाने के लिए आंदोलन करने को विवश होंगे। हम नशे के चंगुल में फंसकर नई पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। प्रतिनिधिमंडल में पंचदेव सिंह, अविनाश सोनू, प्रशांत सिंह आदि शामिल थे।
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दुकान खुलने से दीनापुर चतरपुरा, बड़सरा,नौदर और जमुआंव के नाबालिग बच्चे भी तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं। आएदिन शराबियों में मारपीट होना आम बात होती जा रही है। दीनापुर स्थित शराब की दुकान छह शिक्षण संस्थानों के मध्य में स्थित है, जिसकी वजह से कई बार स्कूली छात्राओं से छेड़-छाड़ की भी शिकायत मिली है। नशे की चपेट में आने से अब तक अत्यधिक शराब पीने और दुर्घटना का शिकार होने से डेढ़ दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है। पत्रक पढ़ने के बाद तत्काल सदर उपजिलाधिकारी विनय गुप्ता ने जिला आबकारी अधिकारी से तुरंत आख्या मांगी। संगठन के प्रवक्ता विनीत दुबे ने कहा कि हम लाइसेंस वितरण प्रक्रिया से पहले ही दुकान को हटाने के लिए इसलिए मांग कर रहे है कि प्रशासन आसानी से दुकान को हटा सके। यदि दुकान यहां से दूर स्थानांतरित नहीं हुई तो तीन-चार गांवों के लोग दुकान हटाने के लिए आंदोलन करने को विवश होंगे। हम नशे के चंगुल में फंसकर नई पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। प्रतिनिधिमंडल में पंचदेव सिंह, अविनाश सोनू, प्रशांत सिंह आदि शामिल थे।
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