कासिमाबाद(गाजीपुर)। वह भी एक समय रहा होगा, जब यह विवाहिता शादी के सात फेरे लेकर अपने पिया के घर पर हजारों अरमान लेकर आई होगी, लेकिन आज उसे ससुराल में प्रवेश करने के लिए बच्चों के साथ ससुराल की चौखट पर धरना देने को विवश होना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस विवाहिता का दर्द नहीं समझ रहे हैं। कुछ इसी तरह की चर्चा करते रहे लोग ससुराल में प्रवेश करने को लेकर बच्चों के साथ पांचवें दिन भी ससुराल की चौखट पर बैठी विवाहिता को लेकर। उधर विवाहिता के भाई ने एसपी से मिल कर बहन को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
मालूम हो कि कासिमाबाद थाना क्षेत्र के महुआरी गांव की एक विवाहिता अपने बच्चों के साथ अपने ससुराल में प्रवेश को लेकर पांचवें दिन शुक्रवार को भी ससुराल की चौखट पर बैठी रही। बावजूद इसके पांचवें दिन भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विवाहिता साधना चौहान का आरोप है कि मेरे ससुराल पक्ष के लोग मेरे ऊपर चारित्रिक दोष लगाकर मुझे घर में घुसने नहीं दे रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि मेरी तीन पुत्रियां हैं। पुत्र न होने के कारण मुझे यह सजा दी जा रही है। विवाहिता ने कहा कि न्याय मिलने तक वह ससुराल की चौखट पर बैठी रहेगी। शुक्रवार को साधना के भाई जवाहर चौहान ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर बहन को न्याय की गुहार लगाई। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि विवाहिता को घर में जगह मिल जाए।