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जवान का शव आते ही मचा कोहराम
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बिरनो। क्षेत्र के फत्तेपुर गांव निवासी बीएसएफ के जवान गोपाल यादव का शव रविवार को घर आते ही कोहराम मच गया। मृतक की मां और पत्नी शव से लिपटकर चीख-पुकार करने लगी। जवान के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ गाजीपुर श्मशान घाट पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक जवान गोपाल यादव के परिवार सहित वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीण जवान का शव आने का इंतजार करते रहे। बीएसएफ जवान की ड्यूटी के दौरान बिजली गिरने से मौत हो गई।
बीएसएफ के इंस्पेक्टर रामहित यादव बीएसएफ के 11 जवानों के साथ बीएसएफ का वाहन लेकर फत्तेपुर गांव स्थित मृतक जवान के घर दिन में करीब पौने दो बजे पहुंचे। शव पहुंचते ही मौजूद लोग भारत माता की जय, वंदे मातरम, गोपाल यादव अमर रहे आदि नारा लगाने लगे। मां सावित्री देवी और पत्नी सुनीता देवी शव से लिपटकर चीख-पुकार करने लगी। मौजूद लोग उन्हें सांत्वना देने में जुट गए। पत्नी सुनीता कभी बेसुध होकर एक टक पति का चेहरा निहारने लग रही थी तो कभी अपनी दो मासूमों बेटियों को देख दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लग रही थी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू छलक जा रहे थे। जंगीपुर के विधायक डा. विरेंद्र यादव, एसपीआरए चंद्रप्रकाश शुक्ल, सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह, सीओ कासिमाबाद महमूद अली, बिरनो इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह, बिरनो प्रमुख प्रवीण यादव, मरदह प्रमुख प्रतिनिधि डा. नितीश सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय यादव, मुजरी यादव, अशोक यादव, जिला पंचायत सदस्य सुभाष राम आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसके बाद सैकड़ों लोगों के साथ दरवाजा से शवयात्रा निकली। गाजीपुर श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मृतक जवान के बड़े भाई लालजी यादव ने दी।
बीएसएफ के इंस्पेक्टर रामहित यादव ने बताया कि जवान गोपाल यादव की ड्यूटी स्पेशल प्वाइंट पर लगी थी। इसमें एक ही जवान दूरबीन से निगरानी रखते हुए ड्यूटी करता है। 24 मई की शाम छह बजे जवान इसी ड्यूटी पर तैनात थे। करीब 7.20 बजे बिजली गिरी, जिसकी जद में आने से गोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ दूरी पर ड्यूटी कर रहे दूसरे जवान ने फोन कर बटालियन को सूचना दी। मृतक के भाई लालजी यादव ने बीएसएफ के अधिकारी से परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने के साथ ही मृत जवान के नाम पर गांव में पार्क बनवाने के साथ ही गांव की कच्ची सड़क को पक्का बनवाकर इनके नाम पर करने की मांग की।
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बीएसएफ के इंस्पेक्टर रामहित यादव बीएसएफ के 11 जवानों के साथ बीएसएफ का वाहन लेकर फत्तेपुर गांव स्थित मृतक जवान के घर दिन में करीब पौने दो बजे पहुंचे। शव पहुंचते ही मौजूद लोग भारत माता की जय, वंदे मातरम, गोपाल यादव अमर रहे आदि नारा लगाने लगे। मां सावित्री देवी और पत्नी सुनीता देवी शव से लिपटकर चीख-पुकार करने लगी। मौजूद लोग उन्हें सांत्वना देने में जुट गए। पत्नी सुनीता कभी बेसुध होकर एक टक पति का चेहरा निहारने लग रही थी तो कभी अपनी दो मासूमों बेटियों को देख दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लग रही थी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू छलक जा रहे थे। जंगीपुर के विधायक डा. विरेंद्र यादव, एसपीआरए चंद्रप्रकाश शुक्ल, सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह, सीओ कासिमाबाद महमूद अली, बिरनो इंस्पेक्टर अवधेश प्रताप सिंह, बिरनो प्रमुख प्रवीण यादव, मरदह प्रमुख प्रतिनिधि डा. नितीश सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय यादव, मुजरी यादव, अशोक यादव, जिला पंचायत सदस्य सुभाष राम आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसके बाद सैकड़ों लोगों के साथ दरवाजा से शवयात्रा निकली। गाजीपुर श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मृतक जवान के बड़े भाई लालजी यादव ने दी।
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बीएसएफ के इंस्पेक्टर रामहित यादव ने बताया कि जवान गोपाल यादव की ड्यूटी स्पेशल प्वाइंट पर लगी थी। इसमें एक ही जवान दूरबीन से निगरानी रखते हुए ड्यूटी करता है। 24 मई की शाम छह बजे जवान इसी ड्यूटी पर तैनात थे। करीब 7.20 बजे बिजली गिरी, जिसकी जद में आने से गोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ दूरी पर ड्यूटी कर रहे दूसरे जवान ने फोन कर बटालियन को सूचना दी। मृतक के भाई लालजी यादव ने बीएसएफ के अधिकारी से परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने के साथ ही मृत जवान के नाम पर गांव में पार्क बनवाने के साथ ही गांव की कच्ची सड़क को पक्का बनवाकर इनके नाम पर करने की मांग की।
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