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आग से 14 झोपड़ियां जलकर राख
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जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर मांझा गांव की निषाद बस्ती में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से एक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें विकराल रूप धारण कर लीं और एक-एक कर 13 झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया। फायर कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 14 झोपड़ियां जल कर राख हो गई। उसमें रखा हजारों के गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
इलाके के ताजपुर मांझा गांव स्थित निषाद बस्ती में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से मालिक चौधरी की झोपड़ी में आग लग गई। आग लगते ही झोपड़ी में मौजूद लोग भाग कर बाहर निकले और आग को लेकर शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर अगल-बगल झोपड़ियों में रहने वाले लोग बाहर निकल गए। इस बीच आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। लोग बाल्टी, डिब्बा आदि से पानी डाल कर आग बुझाने में जुटे रहे। उधर सूचना पाकर जिला पंचायत सदस्य बसंत यादव भी अन्य लोगों के साथ वहां आग बुझाने पहुंचे, लेकिन झोपड़ी की भीषण आग ने एक के बाद एक झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया और आग की तेज लपटों ने कुल 13 रिहायशी झोपड़ियों को राख कर दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 14 झोपड़ियां राख में तब्दील हो गईं। उसमें रखा अनाज, बिस्तर, पहनने का कपड़ा, चौकी, चारपाई सहित गृहस्थी का हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ित मालिक चौधरी, देवमुनि, प्रमिला देवी, सुराही, बच्चन चौधरी, भोला, छट्ठू, फलिंद्र, बहलू, भोरिक चौधरी, भगवान, नरेंद्र चौधरी, अनिल, राम भरोस चौधरी ने बताया कि हम लोगों को एक-एक झोपड़ी में जल कर राख हो गई। उसमें रखा सारा सामान भी जल गया। न तो सिर छिपाने के लिए छत बची और न ही पेट भरने के लिए अनाज। रात करीब साढ़े नौ बजे एसडीएम रमेश मौर्य मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से क्षति की जानकारी लेते हुए सहायता का आश्वासन दिया। लेखपाल और कानूनगो ने पीड़ित परिवारों से क्षति की जानकारी लेकर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दिया।
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इलाके के ताजपुर मांझा गांव स्थित निषाद बस्ती में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से मालिक चौधरी की झोपड़ी में आग लग गई। आग लगते ही झोपड़ी में मौजूद लोग भाग कर बाहर निकले और आग को लेकर शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर अगल-बगल झोपड़ियों में रहने वाले लोग बाहर निकल गए। इस बीच आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। लोग बाल्टी, डिब्बा आदि से पानी डाल कर आग बुझाने में जुटे रहे। उधर सूचना पाकर जिला पंचायत सदस्य बसंत यादव भी अन्य लोगों के साथ वहां आग बुझाने पहुंचे, लेकिन झोपड़ी की भीषण आग ने एक के बाद एक झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया और आग की तेज लपटों ने कुल 13 रिहायशी झोपड़ियों को राख कर दिया।
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घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 14 झोपड़ियां राख में तब्दील हो गईं। उसमें रखा अनाज, बिस्तर, पहनने का कपड़ा, चौकी, चारपाई सहित गृहस्थी का हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ित मालिक चौधरी, देवमुनि, प्रमिला देवी, सुराही, बच्चन चौधरी, भोला, छट्ठू, फलिंद्र, बहलू, भोरिक चौधरी, भगवान, नरेंद्र चौधरी, अनिल, राम भरोस चौधरी ने बताया कि हम लोगों को एक-एक झोपड़ी में जल कर राख हो गई। उसमें रखा सारा सामान भी जल गया। न तो सिर छिपाने के लिए छत बची और न ही पेट भरने के लिए अनाज। रात करीब साढ़े नौ बजे एसडीएम रमेश मौर्य मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से क्षति की जानकारी लेते हुए सहायता का आश्वासन दिया। लेखपाल और कानूनगो ने पीड़ित परिवारों से क्षति की जानकारी लेकर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दिया।
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