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दबंगों ने शहीद के घर किया पथराव
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जखनिया (गाजीपुर)। भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के ऐमावंशी गांव में मंगलवार की सुबह खेत से चना उखाड़ने से मना करने पर कुछ दबंगों ने शहीद के घर पर जमकर पथराव किया। सूचना पर मौके पर पहुंची 100 पुलिस एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाने ले आई। इस मामले में शहीद की पुत्री की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
ऐमावंशी गांव निवासी सेना के दूसरे सबसे बड़े सम्मान महावीर चक्र पदक से सम्मानित शहीद रामउग्रह पांडेय 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देते हुए शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी द्वारा सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। गांव पर उनकी पत्नी श्यामा देवी अपनी पुत्री सुनीता के साथ रहती हैं। गत दो वर्ष पूर्व श्यामा देवी का निधन हो गया, तबसे उनकी नेत्रहीन पुत्री सुनीता देवी अपने बच्चों के साथ रहती है। मंगलवार की सुबह करीब सात बजे बच्चों ने सुनीता से बताया कि खेत में कुछ लोग चना उखाड़ रहे हैं। इस पर सुनीता ने उन्हें मना किया तो वे लोग उलझ गए और उन्होंने सुनीता और उसके बच्चों पर हमला बोल दिया। वह भागकर घर में आए और दरवाजा बंद कर दिये। इस पर दबंग शांत नहीं हुए और उनके घर पर पथराव किया। सीमेंट का टीनशेड कई स्थानों पर टूट गया। पीड़िता ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना के कुछ ही देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के आते ही दबंग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने एक को पकड़ लिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिलापाल पाठक ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर सात नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, घटना की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी एवं नायब तहसीलदार पहुंचे तथा शहीद के घर पहुंचे और पीड़िता से घटना के संबंध में जानकारी ली। डीएम के बालाजी ने फोन कर शहीद की नेत्रहीन पुत्री सुनीता देवी से हालचाल लेते हुए पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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ऐमावंशी गांव निवासी सेना के दूसरे सबसे बड़े सम्मान महावीर चक्र पदक से सम्मानित शहीद रामउग्रह पांडेय 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देते हुए शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी द्वारा सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। गांव पर उनकी पत्नी श्यामा देवी अपनी पुत्री सुनीता के साथ रहती हैं। गत दो वर्ष पूर्व श्यामा देवी का निधन हो गया, तबसे उनकी नेत्रहीन पुत्री सुनीता देवी अपने बच्चों के साथ रहती है। मंगलवार की सुबह करीब सात बजे बच्चों ने सुनीता से बताया कि खेत में कुछ लोग चना उखाड़ रहे हैं। इस पर सुनीता ने उन्हें मना किया तो वे लोग उलझ गए और उन्होंने सुनीता और उसके बच्चों पर हमला बोल दिया। वह भागकर घर में आए और दरवाजा बंद कर दिये। इस पर दबंग शांत नहीं हुए और उनके घर पर पथराव किया। सीमेंट का टीनशेड कई स्थानों पर टूट गया। पीड़िता ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना के कुछ ही देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के आते ही दबंग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने एक को पकड़ लिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिलापाल पाठक ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर सात नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, घटना की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी एवं नायब तहसीलदार पहुंचे तथा शहीद के घर पहुंचे और पीड़िता से घटना के संबंध में जानकारी ली। डीएम के बालाजी ने फोन कर शहीद की नेत्रहीन पुत्री सुनीता देवी से हालचाल लेते हुए पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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