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लेखपाल और अधिवक्ता आमने-सामने
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:12 PM IST
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जमानिया। स्थानीय तहसील के तहसीलदार न्यायिक न्यायालय में बीते 21 फरवरी को पेशकार के साथ जाति सूचक गाली देते हुए हाथापाई कर न्यायालय में रखे दस्तावेज को अधिवक्ता ने फेंक दिया। इस पर पेशकार सुरेंद्र कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी थी। गुरुवार को तहसील के लेखपालों ने अधिवक्ता को गिरफ्तार करने की मांग की। दूसरी तरफ अधिवक्ताओं ने पेशकार को हटाने की मांग की। पेशकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को वह अपने न्यायालय में मुकदमे में तारीख देने का काम कर रहे थे। इसी बीच अधिवक्ता अंजनी प्रकाश राय केशरी बनाम सर्वदेव के मुकदमे में एक पक्षीय रूप से 28 फरवरी नियत करने का दबाव बनाने लगे। इस पर विपक्षी अधिवक्ता के सहमति के बाद ही तिथि बदले जाने की बात कहीं गई। यह बात उनको नगवार गुजरी और उन्होंने जाति सूचक गाली देते हए हाथापाइ पर उतर गए। न्यायालय में मौजूद अन्य लोगों ने हो हल्ला सून दोनों को अलग किया। वहीं इस मामले में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को तहसील सभागार में बैठक कर घटना की घोर निंदा करते हुए अधिवक्ता की गिरफ्तारी के साथ रजिस्ट्रेशन समाप्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर 5 मार्च तक मांगे पूरी नहीं हुई तो 6 मार्च से लेखपाल संघ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। दूसरी तरफ बार एसोसिएशन जमानिया के तहसील अध्यक्ष गोरख नाथ सिंह की अध्यक्षता में अधिवक्ता बार भवन में बैठक हुई। वक्ताओं ने घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ता के विरुद्ध बिना तथ्य के आधार पर मुकदमा दर्जकर एसडीएम और तहसीलदार द्वारा मामले को तूल दिया जा रहा है। वक्ताओं ने लेखपाल सुरेंद्र कुमार को पेशकार न्यायिक न्यायालय के पटल से हटा कर मूल पद पर क्षेत्र में भेजने के साथ न्यायालय एवं अन्य पटलों पर तैनात प्राईवेट कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग की। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने 28 फरवरी तक सभी न्यायालयों के न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय भी सर्व सम्मति से लिया गया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी विंध्याचल शुक्ला ने बताया कि मामले में 323 504 506 353 332 427 आईपीसी व 3(1) ध एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की छानबीन चल रही है।
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