{"_id":"5a94543f4f1c1bd04b8b7e93","slug":"141519670335-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर सेवराई निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बीते आठ फरवरी को गहमर थाने में पूर्व मंत्री सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में सीओ जमानिया को जांच का जिम्मा दिया गया है। इस मुद्दे पर जिले की सियासत गरम हो गई है।
पुलिस अफसरों की माने तो प्रकरण की जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगा। देखा जाए तो पूर्व मंत्री कुछ मामलों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। उधर, सपा कार्यकर्ता तथा नेता इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। जमानिया कोतवाली के सेवराई गांव में बक्सड़ा मौजा के अराजी नंबर सात में अवैध रूप से सड़क बनाने का दो साल पहले 16 अप्रैल 2016 को सेवराई निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह से तत्कालीन कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह और उनके कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया था। तब पूर्व मंत्री सहित समर्थकों पर मारने-पीटने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन उस समय मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। जबकि उस समय पीड़ित को ही सत्ता में विराजमान पूर्व मंत्री के इशारे पर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और सीएम से लिखित पत्र भेजकर गुहार लगाई। इस पर वर्तमान डीजीपी के निर्देश पर पूर्व मंत्री सहित तीन के खिलाफ पुलिस ने बीते आठ फरवरी को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद भी जांच करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रही है। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर सेवराई निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बीते आठ फरवरी को गहमर थाने में पूर्व मंत्री सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में सीओ जमानिया को जांच का जिम्मा दिया गया है। इस मुद्दे पर जिले की सियासत गरम हो गई है।
पुलिस अफसरों की माने तो प्रकरण की जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगा। देखा जाए तो पूर्व मंत्री कुछ मामलों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। उधर, सपा कार्यकर्ता तथा नेता इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। जमानिया कोतवाली के सेवराई गांव में बक्सड़ा मौजा के अराजी नंबर सात में अवैध रूप से सड़क बनाने का दो साल पहले 16 अप्रैल 2016 को सेवराई निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह से तत्कालीन कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह और उनके कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया था। तब पूर्व मंत्री सहित समर्थकों पर मारने-पीटने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन उस समय मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। जबकि उस समय पीड़ित को ही सत्ता में विराजमान पूर्व मंत्री के इशारे पर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और सीएम से लिखित पत्र भेजकर गुहार लगाई। इस पर वर्तमान डीजीपी के निर्देश पर पूर्व मंत्री सहित तीन के खिलाफ पुलिस ने बीते आठ फरवरी को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद भी जांच करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रही है। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन