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औड़िहार से अस्सी हजार का फर्जी टिकट बरामद
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:56 PM IST
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सैदपुर(गाजीपुर)। औड़िहार रेलवे स्टेशन से आरपीएफ की टीम ने फर्जी टिकट बनाने के मामले में शुक्रवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 80 हजार के फर्जी टिकट बरामद किए गए। पकड़े गए जालसाज के बारे में सूचना रेलवे सुरक्षा बल के कमांडेंट को दी गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उक्त जालसाज से पूछताछ करने के बाद उसे संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया। इस सफलता के रेलवे सुरक्षा बल के कमाडेंट ने टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
जनपद के कई बड़े स्टेशनों पर ई- टिकटिंग और काउंटर टिकट बुकिंग में भारी कालाबाजारी का खेल चल रहा है। इसके खिलाफ पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर अनुभाग के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजाराम एवं सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त (वाराणसी) आरके पांडेय के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें स्थानीय आरपीएफ की टीम को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ प्रभारी को काफी समय से चंदौली के चहनियां में फर्जी आईडी से आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बनाने की शिकायत मिल रही थी। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीणा को शिकायत मिली कि जनपद के बहरियाबाद थाने के चकफरीद बाजार में स्थित शिवानी मोबाइल सेंटर में बड़े पैमाने पर रेल टिकट का फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस पर सीआईबी के प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय संग मय फोर्स मौके पर पहुंच कर मीणा ने दुकान में छापेमारी कर वहां से दुकान मालिक विनोद गुप्ता पुत्र रामबचन गुप्त निवासी चकफरीद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में दुकान में लगभग 80 रुपये कीमत के 56 ई-टिकट बरामद हुए। इसके अलावा दुकान से 2530 रुपये नकद एवं एक लैपटॉप, प्रिंटर, चार नेटसेटर, चार विभिन्न बैंकों के एटीएम और पासबुक, चार मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, तीन पेन ड्राइव, एक लेमिनेशन मशीन , दो चेकबुक तथा टिकट के कालाबाजारी के व्यवसाय से अन्य संबंधित सामान जब्त किए गए। इस बाबत प्रभारी नरेश मीणा ने बताया आरोपी साफ्टवेयर से साइट हैंक करके ई -टिकट बनाते हैं। ई- टिकटों के मामले में रेलवे पुलिस को एक माह में तीसरी बड़ी सफलता मिली है। इसके पूर्व 15 अप्रैल को इसी टीम ने आजमगढ़ के मेहनाजपुर में रोहित प्रजापति को चार लाख के ई-टिकटिंग घोटाले का पर्दाफाश किया। इसके साथ ही सर्वेश मौर्य पूर्व में गिरफ्तार आजमगढ़ के रोहित प्रजापति गैंग से जुड़े हुए हैं।
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जनपद के कई बड़े स्टेशनों पर ई- टिकटिंग और काउंटर टिकट बुकिंग में भारी कालाबाजारी का खेल चल रहा है। इसके खिलाफ पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर अनुभाग के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजाराम एवं सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त (वाराणसी) आरके पांडेय के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें स्थानीय आरपीएफ की टीम को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ प्रभारी को काफी समय से चंदौली के चहनियां में फर्जी आईडी से आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बनाने की शिकायत मिल रही थी। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीणा को शिकायत मिली कि जनपद के बहरियाबाद थाने के चकफरीद बाजार में स्थित शिवानी मोबाइल सेंटर में बड़े पैमाने पर रेल टिकट का फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस पर सीआईबी के प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय संग मय फोर्स मौके पर पहुंच कर मीणा ने दुकान में छापेमारी कर वहां से दुकान मालिक विनोद गुप्ता पुत्र रामबचन गुप्त निवासी चकफरीद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में दुकान में लगभग 80 रुपये कीमत के 56 ई-टिकट बरामद हुए। इसके अलावा दुकान से 2530 रुपये नकद एवं एक लैपटॉप, प्रिंटर, चार नेटसेटर, चार विभिन्न बैंकों के एटीएम और पासबुक, चार मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, तीन पेन ड्राइव, एक लेमिनेशन मशीन , दो चेकबुक तथा टिकट के कालाबाजारी के व्यवसाय से अन्य संबंधित सामान जब्त किए गए। इस बाबत प्रभारी नरेश मीणा ने बताया आरोपी साफ्टवेयर से साइट हैंक करके ई -टिकट बनाते हैं। ई- टिकटों के मामले में रेलवे पुलिस को एक माह में तीसरी बड़ी सफलता मिली है। इसके पूर्व 15 अप्रैल को इसी टीम ने आजमगढ़ के मेहनाजपुर में रोहित प्रजापति को चार लाख के ई-टिकटिंग घोटाले का पर्दाफाश किया। इसके साथ ही सर्वेश मौर्य पूर्व में गिरफ्तार आजमगढ़ के रोहित प्रजापति गैंग से जुड़े हुए हैं।
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